“ऑपरेशन हिन्टरलैंड ब्रू” के तहत छापा, ग्रामीण इलाके में चल रहा था गुप्त ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
वर्धा/नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने महाराष्ट्र के वर्धा जिले को हिला देने वाली बड़ी कार्रवाई करते हुए करंजा गाडगे क्षेत्र में संचालित एक गुप्त ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹192 करोड़ की कीमत वाली 128 किलो मेफेड्रोन (MD ड्रग) बरामद की गई। इस फैक्ट्री को गोकुल सिटी परिसर में सुनसान इलाके में तैयार किया गया था, ताकि यह आसानी से स्थानीय आबादी और कानून-व्यवस्था एजेंसियों की नजरों से दूर रह सके।
पूरी तरह तैयार सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का खुलासा
डीआरआई के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान एक फुली फंक्शनल सिंथेटिक ड्रग प्रोसेसिंग यूनिट का पता लगाया, जिसमें–
मेकशिफ्ट रिएक्टर
बड़े केमिकल वेसल
ड्रग बनाने के बर्तन
पैकिंग व परिष्करण उपकरण
मेफेड्रोन तैयार करने में उपयोग होने वाले केमिकल
सब कुछ मौजूद था। बरामदगी में तैयार ड्रग्स के अलावा वह प्रीकर्सर केमिकल भी मिले जो एमडी के सिंथेसिस में अनिवार्य होते हैं। यह फैक्ट्री लंबे समय से सक्रिय थी और बड़े पैमाने पर मेफेड्रोन का उत्पादन होता था।
ग्रामीण इलाके में छिपाकर चलाया जा रहा था कारखाना
प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री जानबूझकर ग्रामीण व निर्जन इलाके में बनाई गई थी, ताकि उद्योगिक गतिविधि का आभास न हो और पुलिस या स्थानीय प्रशासन की नजर न पड़े। स्थानीय व्यक्तियों को इस अवैध धंधे में शामिल कर लिया गया था, जिससे पूरी गतिविधि ‘स्थानीय’ लगे और पकड़ में आने की संभावना कम हो।
तीन आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके तार किस बड़े नेटवर्क या अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं, इसकी जांच डीआरआई कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि तैयार माल कहां-कहां भेजा जा रहा था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान क्या है।
DRI का बड़ा अभियान – 2025 में पांच फैक्ट्री ध्वस्त
डीआरआई के मुताबिक इस साल अब तक कुल पांच अवैध ड्रग-निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया गया है। “ऑपरेशन हिन्टरलैंड ब्रू” के तहत एजेंसी लगातार ग्रामीण और कम आबादी वाले क्षेत्रों में सक्रिय नेटवर्क पर नकेल कस रही है। यह ऑपरेशन ड्रग माफिया के उस नए ट्रेंड पर केंद्रित है, जिसमें शहरों की बजाय ड्रग फैक्ट्रियां गांवों, खेतों या पुराने गोदामों में स्थापित की जा रही हैं।
मध्य भारत में सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर बड़ी चोट
वर्धा में हुई इस जब्ती ने मध्य भारत में सक्रिय नशा तस्करों और उनकी उत्पादन क्षमता का अहम खुलासा किया है। मेफेड्रोन जैसी सिंथेटिक ड्रग युवाओं में तेजी से बढ़ रही है और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।
डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह के संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई जारी रहेगी और आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
यह कार्रवाई देश में अवैध ड्रग सिंडिकेट्स पर सबसे बड़ी चोटों में से एक मानी जा रही है।
