Advertisement Carousel

साय सरकार के दो साल: विकास के दावे बनाम जमीनी सवाल, छत्तीसगढ़ की राजनीति में घमासान तेज


रायपुर / छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार अपने दो साल पूरे करने जा रही है। यह अवधि सत्ता पक्ष के लिए उपलब्धियों और बड़े फैसलों का दौर बताई जा रही है, तो वहीं विपक्ष इसे असफलताओं, वादाखिलाफी और जनता से धोखा मान रहा है। सरकार और कांग्रेस दोनों अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने खड़े हैं और प्रदेश की राजनीति में इन दिनों घमासान चरम पर है।


सरकार का दावा है कि दो वर्षों में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब तबकों के लिए कई जनहितकारी कदम उठाए गए, वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार केवल कागज़ पर विकास दिखा रही है, धरातल पर स्थिति इसके उलट है। इन तर्कों के बीच जनता सवाल पूछ रही है कि दो साल बाद छत्तीसगढ़ वास्तव में कहां खड़ा है?


सरकार का दावा: “दो साल में छत्तीसगढ़ का बदला चेहरा”


स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो साल छत्तीसगढ़ के विकास की नई नींव रखने वाले साबित हुए हैं।


सरकार का कहना है कि इस अवधि में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निर्णायक सुधार हुए।
किसानों और मजदूरों के लिए बड़े कदम
सरकार ने दावा किया है कि समर्थन मूल्य, खरीदी व्यवस्था और कृषि ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई अहम नीतियां लागू की गईं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर फोकस किया गया है।


महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर काम
महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को उपलब्धि के रूप में बताया जा रहा है। युवाओं को कौशल विकास और रोजगार अवसरों से जोड़ने के लिए नई योजनाएं शुरू की गईं।


शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
सरकार का कहना है कि दो वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे में सुधार लाया गया और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।


बुनियादी ढांचे में तेज़ी
सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति और पेयजल योजनाओं में तेजी लाने का दावा किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया गया है।


रजत जयंती वर्ष सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि
इस दौरान छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे किए, जिसे सरकार ने भव्य तरीके से मनाया। प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की उपस्थिति को सरकार ने अपनी राजनीतिक सफलता माना है।


सरकार के अनुसार, दो साल का यह कार्यकाल “सबके विकास” और सुशासन को समर्पित रहा है।

कांग्रेस का हमला: “सरकार ने जनता को ठगा, दो साल में सिर्फ खोखले दावे”


साय सरकार के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस खुलकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए और कहा कि जनता आज खुद को ठगा महसूस कर रही है।


जनता के हितों को नजरअंदाज – कांग्रेस


दीपक बैज का कहना है कि भाजपा ने चुनाव के समय बड़े वादे किए थे जिन्हें दो साल बाद भी पूरा नहीं किया जा सका।
रोजगार, महंगाई, सुरक्षा और विकास के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।


“केंद्र की कठपुतली सरकार” – बैज
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से नहीं ले पा रही और हर नीति केंद्र के निर्देश पर चल रही है।
कांग्रेस का कहना है कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।


योजनाओं के धरातल पर नज़र नहीं आने का आरोप


बैज ने बताया कि सरकार सिर्फ उद्घाटन और घोषणाओं तक सीमित है।
ग्रामीण विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के दावे केवल कागजों में ही मौजूद हैं।


“आज चुनाव हो जाए तो भाजपा सत्ता में नहीं आएगी”


दीपक बैज ने दावा किया कि जनता का मूड बदल चुका है और 2028 में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी।

दो साल—दावों और विरोधाभासों के बीच उलझा राजनीतिक संतुलन


छत्तीसगढ़ में साय सरकार के दो वर्षों ने राजनीति को नई दिशा दे दी है। जहां सरकार अपनी उपलब्धियों की फेहरिस्त पेश कर रही है, वहीं विपक्ष हर दावे को चुनौती दे रहा है।


जनता अब यह देखना चाहती है कि आने वाले वर्षों में सरकार कैसा प्रदर्शन करती है और क्या ये दावे ठोस नतीजों में बदलते हैं या नहीं।
दो साल की सत्ता—एक ओर उपलब्धियों की कहानी, दूसरी ओर सवालों का पहाड़।
जनता का फैसला अब आने वाले समय में ही सामने आएगा।

error: Content is protected !!