राजनांदगांव
राजनांदगांव शहर के नंदई चौक क्षेत्र में हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने के प्रयास से शनिवार को भारी विवाद खड़ा हो गया। प्रतिमा को कथित तौर पर मोहरा नदी में विसर्जन के बहाने हटाए जाने की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने वर्षों पुरानी हनुमान प्रतिमा को जानबूझकर हटाने की साजिश रची, जिससे क्षेत्र की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद संगठन सक्रिय हुए और प्रतिमा को वापस उसी स्थान पर स्थापित करने की मांग को लेकर चौक पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। कुछ देर के लिए नंदई चौक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद प्रतिमा को मोहरा नदी से वापस लाया गया और विधि-विधान, पूजा-अर्चना और जयकारों के बीच हनुमान जी की प्रतिमा को पुनः मूल स्थान पर स्थापित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़ी प्रतिमाओं के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नंदई चौक स्थित हनुमान प्रतिमा लंबे समय से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रही है और इसे हटाने का कोई औचित्य नहीं था। वहीं कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम को गलतफहमी बताया, लेकिन संगठनों ने इसे सुनियोजित प्रयास करार दिया।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
