रायपुर | 3 जनवरी 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और उसके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रचार का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में किए जा रहे समग्र विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के अंतर्गत लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन और पारंपरिक वेशभूषा सहित जनजातीय संस्कृति की विविध विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
