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छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के अंत की ऐतिहासिक पटकथा, विष्णुदेव साय–विजय शर्मा की जोड़ी ने बदली दिशा


रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने की ओर बढ़ रहा है। वजह साफ है—भारत के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का सफाया अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सरकार ने स्पष्ट संकल्प लिया है कि मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद का पूर्ण अंत किया जाएगा।

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राज्य में मौजूदा डबल इंजन सरकार—केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय—के बीच मजबूत समन्वय इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। एक सोच, एक रणनीति और निर्णायक नेतृत्व के चलते वह संभव होता दिख रहा है, जो दशकों तक केवल लक्ष्य ही बना रहा।


नक्सल उन्मूलन की इस निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा लगातार मोर्चे पर सक्रिय हैं। नक्सल विरोधी अभियानों की नियमित समीक्षा, जमीनी स्तर से मिलने वाले इनपुट और रणनीतिक बदलावों ने सुरक्षा बलों को अभूतपूर्व बढ़त दिलाई है।


आज सुरक्षा बल उन दुर्गम इलाकों तक पहुंच बना चुके हैं, जहां आज़ादी के बाद से राज्य की प्रभावी मौजूदगी नहीं थी। जवान नक्सलियों को उनके गढ़ों में घुसकर खदेड़ रहे हैं और निर्णायक कार्रवाई के जरिए संगठन की रीढ़ तोड़ रहे हैं।
विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी नक्सल विरोधी अभियानों को लगातार सफलता मिली है। इसके साथ ही सरकार की प्रभावी सरेंडर पॉलिसी का असर भी साफ नजर आ रहा है—बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।


यदि यह अभियान तय समयसीमा में अपने लक्ष्य तक पहुंचता है, तो यह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। और तब, विष्णुदेव साय और विजय शर्मा का नेतृत्व इतिहास में स्थायी रूप से दर्ज हो जाएगा।


नक्सल विरोधी अभियान : कुल तस्वीर
छत्तीसगढ़ में जारी नक्सल विरोधी अभियानों के तहत अब तक कुल 290 नक्सली मारे जा चुके हैं, जबकि 1090 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं सरकार की सरेंडर पॉलिसी के चलते 881 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा को अपनाया है। ये आंकड़े इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि नक्सल संगठन अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है।


एक नज़र 2025 के नक्सल विरोधी आंकड़ों पर
पुलिस–नक्सली मुठभेड़ : 99
एनकाउंटर में ढेर नक्सली : 256
गिरफ्तार नक्सली : 884
सरेंडर नक्सली : 1562
नक्सलियों से बरामद हथियार : 645
बरामद IED की संख्या : 875
शहीद जवान : 23
नक्सलियों द्वारा आम नागरिकों की हत्या : 46

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