रायपुर। राजधानी रायपुर के कोर्ट परिसर से दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने की घटना ने पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेंट्रल जेल में बंद दोनों आरोपियों को नियमित पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था, लेकिन पेशी से पहले ही वे अभिरक्षा से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल उनकी तलाश शुरू की गई।
जानकारी के मुताबिक फरार हुए कैदियों की पहचान राजेश मारकण्डेय और तुलाराम मारकण्डेय के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद थे। पेशी के दौरान वे कोर्ट मोहर्रिर की अभिरक्षा में थे। इसी दौरान मौका पाकर दोनों ने पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और कोर्ट परिसर से बाहर निकल गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब काफी देर तक दोनों आरोपी नजर नहीं आए तो पुलिसकर्मियों को शक हुआ। पहले आसपास के परिसर में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उच्च अधिकारियों और जेल प्रबंधन को सूचना दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 262 के तहत एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इस घटना के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की पेशी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और आम लोगों से भी उनकी सूचना देने की अपील की गई हैं।
