पूज्य माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर मिला सम्मान, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रहे मौजूद
रायपुर, 22 अक्टूबर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में पूज्य माता साहिब हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहे। यह आयोजन सिंधी समाज के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर रहा।

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा पूज्य शदाणी दरबार, रायपुर की पांचवीं पीठाधीश माता साहिब हासी देवी जी की 200वीं जयंती के अवसर पर यह विशेष स्मारक सिक्का जारी किया गया है। माता हासी देवी जी के आध्यात्मिक योगदान और समाज के प्रति उनके सम्मान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सिक्के पर अंकित है माता हासी देवी जी का चित्र
भारत सरकार द्वारा जारी इस स्मारक सिक्के पर पूज्य माता हासी देवी जी की छवि अंकित है। सिक्के के एक ओर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष और 200 रुपये का मूल्यवर्ग दर्शाया गया है। इसका उद्देश्य माता हासी देवी जी के जीवन, विचारों और आध्यात्मिक योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
स्मारक सिक्के के जारी होने से देश-विदेश में रहने वाले सिंधी समाज के लोगों में हर्ष और गौरव का वातावरण है। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि श्रद्धालु और सिक्का संग्राहक शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से सिक्के की बुकिंग कर सकेंगे।
लोकभवन में राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान लोकभवन पहुंचने पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया।
कार्यक्रम में पूज्य शदाणी दरबार रायपुर के पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी और श्री मोतीलाल साहू सहित मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, वरिष्ठ अधिकारी, शदाणी दरबार के सदस्य तथा देशभर से आए जनप्रतिनिधि और सिंधी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माता साहिब हासी देवी जी के सम्मान में स्मारक सिक्के का जारी होना उनकी आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान देने के साथ सिंधी समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

