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राष्ट्रपति मुर्मु का युवाओं को संदेश—बड़े सपने देखें, सफलता को राष्ट्रसेवा से जोड़ें

रायपुर में सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम; बोलीं—जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है

रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े सपने देखने, निरंतर सीखने और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव का होना जरूरी है। युवाओं के व्यक्तिगत प्रयास जब राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ेंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।

राष्ट्रपति गुरुवार को राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई जुहार के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अन्न का सम्मान और किसानों का योगदान स्वीकार करना हमारा दायित्व

राष्ट्रपति मुर्मु ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। अन्न हमारी भूख मिटाने का साधन भर नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। ऐसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं।

असफलता से सीखें, समाज के काम आए आपकी प्रतिभा

राष्ट्रपति ने युवाओं को निरंतर अध्ययन, कौशल विकास और नवाचार के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करना जरूरी है। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं का ज्ञान जरूरतमंदों के काम आए, उनकी प्रतिभा सामाजिक समस्याओं का समाधान करे और उनकी उपलब्धियां सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनें। राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है।

विकसित भारत के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ने के समान अवसर दिए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता।

उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। साथ ही पुरुषों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण दें, जिसमें वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान हमारी सोच, व्यवहार और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का उल्लेख

छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने प्रसन्नता जताई कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है।” उन्होंने इस बदलाव को युवाओं, उनके परिवारों और प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा देश की बेटियों, युवाओं और जनजातीय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। नुआखाई के अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाजसेवा और युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की पहल है।

युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने बताया कि गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतिवर्ष लगभग चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने की योजना भी बताई गई।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की महत्वपूर्ण ताकत है।

रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान

कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाकुंभ का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान में 2,548 लोगों ने रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए इसे मानवता, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उदाहरण बताया।

राज्यपाल रमेन डेका ने भी नुआखाई को कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और सेवा भावना का पर्व बताते हुए युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल एवं नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अन्य मंत्री, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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