रायपुर में श्रद्धांजलि सभा और विरोध प्रदर्शन, पुराने साक्ष्यों की पुनः जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग
रायपुर। वर्ष 1984 में निर्दोष सिखों के साथ हुई हिंसा की बरसी पर छत्तीसगढ़ सिख समाज, रायपुर द्वारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान समाज के सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। समाज ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने तथा हिंसा में शामिल वास्तविक दोषियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सभा में वक्ताओं ने 1984 की हिंसा को भारतीय इतिहास का दर्दनाक अध्याय बताते हुए कहा कि इस घटना ने हजारों परिवारों को गहरे सामाजिक, मानसिक और आर्थिक संकट में धकेल दिया। बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की निर्मम हत्याओं तथा परिवारों के उजड़ने की घटनाओं को याद कर समाज के लोग भावुक हुए।
पुराने साक्ष्यों की दोबारा जांच की मांग
छत्तीसगढ़ सिख समाज ने मांग की कि 1984 की हिंसा से संबंधित पुराने समाचार पत्रों की रिपोर्ट, प्रकाशित तस्वीरों, दूरदर्शन और अन्य वीडियो फुटेज, सरकारी दस्तावेजों तथा जांच अभिलेखों का पुनः परीक्षण किया जाए। समाज का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक दोषियों की पहचान कर निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
समाज ने स्पष्ट किया कि उसकी मांग किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करने की नहीं, बल्कि दोषियों को कानून के कटघरे तक पहुंचाने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की है।
“42 वर्ष बाद भी पीड़ित परिवारों के मन में न्याय का सवाल”
छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि 1984 में निर्दोष सिखों के साथ हुई हिंसा मानवता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गहरा आघात थी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनका दर्द आज भी समाप्त नहीं हुआ है।
सिंघोत्रा ने सवाल उठाया कि इतने वर्षों बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय बीत जाने से अपराध समाप्त नहीं हो जाते और पीड़ितों की पीड़ा को भुलाया नहीं जाना चाहिए। उनके अनुसार, न्याय, सम्मान और उचित सहायता ही पीड़ित परिवारों के प्रति सच्ची संवेदना होगी।
समाज के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि हुए शामिल
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, नगर निगम रायपुर के राजस्व विभाग के अध्यक्ष अवतार सिंह बागल, एल्डरमैन मित्रसेन धीमान और तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी सहित समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन और सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, देवेंद्र सिंह चावला, अमृत सिंह सूर, त्रिलोचन सिंह होरा, रोमी चड्ढा, तरजीत सिंह मल्होत्रा, करमजीत सिंह नोटा, जसप्रीत सिंह चावला, इकबाल सिंह सलूजा, इंदर पाल सिंह गांधी सहित अनेक सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
छत्तीसगढ़ सिख समाज ने कहा कि श्रद्धांजलि केवल पुष्प अर्पित करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का संकल्प और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की प्रतिबद्धता ही दिवंगत आत्माओं के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
