कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर जवानों का बढ़ाया हौसला, राज्योत्सव में प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया सम्मान; बोले- शिक्षा, रोजगार और खुशहाली से बदलेगी बस्तर की तस्वीर
बीजापुर, 2 नवंबर। कभी नक्सलवाद और हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले बीजापुर में अब विकास, शांति और खुशहाली की नई उम्मीद दिखाई दे रही है। अब बस्तर में गोलियों की गूंज के स्थान पर विकास और जनकल्याण की आवाज सुनाई दे रही है। यह बात कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बीजापुर में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
मंत्री अपने बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित एफओबी ताड़पाला पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुर्गम परिस्थितियों में तैनात जवानों के त्याग और बलिदान के कारण ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने कर्रेगुट्टा में तिरंगे की शान को क्षेत्र में बदलते हालात और नए विश्वास का प्रतीक बताया।
इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों में योगदान दे रहे श्रमिकों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार श्रमिकों के परिश्रम से ही संभव हो रहा है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को नई दिशा मिली है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से भी इस अभियान को गति मिली है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण दशकों तक बस्तर की शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास प्रभावित हुआ, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं पहुंचाना है।
इसके बाद मंत्री ने भाजपा संगठन के पदाधिकारियों और सतनामी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय एवं सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने सामाजिक एकता और सभी वर्गों की सहभागिता को प्रदेश के विकास का आधार बताया।
बीजापुर के मिनी स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव में मंत्री ने छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस हमें विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। बस्तर की पहचान अब हिंसा नहीं, बल्कि शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति, कृषि और रोजगार से होनी चाहिए।
कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और स्वरोजगार से जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मंत्री ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चे और युवा ही प्रदेश का भविष्य हैं। राज्योत्सव में स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। मंत्री ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। वहीं कर्रेगुट्टा स्थित सुरक्षा बलों के कैंप में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।
मंत्री ने कहा कि बस्तर का वास्तविक विकास तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, युवा को रोजगार और हर परिवार को सम्मानजनक जीवन का अवसर मिलेगा। विकसित बस्तर और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना शांति, विश्वास और जनभागीदारी से ही साकार होगा।
