“गाना नहीं गा रहे, सिर्फ माइक पर मुंह हिला रहे हैं!” दिलेर मेहंदी विवाद पर अभिजीत भट्टाचार्य का बड़ा बयान, मंत्री सुबोध उनियाल को बताया सही
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के मंच से अभिजीत भट्टाचार्य ने लाइव गायन के नाम पर लिप-सिंक करने वालों पर साधा निशाना, बोले—“मैं बेसुरा गाऊंगा, गला खराब रहेगा, थक जाऊंगा, लेकिन जो भी गाऊंगा लाइव गाऊंगा।”
छत्तीसगढ़। मंच पर गाने के नाम पर सिर्फ माइक पकड़कर होंठ हिलाने वालों को मशहूर बॉलीवुड गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने दो टूक संदेश दिया है। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में अभिजीत ने लाइव गायन की वकालत करते हुए उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में हुए दिलेर मेहंदी विवाद का जिक्र किया। उन्होंने मंच पर मंत्री सुबोध उनियाल की नाराजगी को सही ठहराते हुए कहा कि मंत्री साहब ने बिल्कुल सच कहा था, लेकिन उन्हें ही विलेन बना दिया गया।
अभिजीत का यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने साफ कहा कि कलाकार चाहे अच्छा गाए या खराब, लेकिन दर्शकों के सामने असली प्रस्तुति देनी चाहिए। गाने के नाम पर केवल मुँह हिलाना दर्शकों के साथ धोखा है।
दिलेर मेहंदी विवाद का किया जिक्र
दरअसल, उत्तराखंड के टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित प्रसिद्ध कुंजापुरी मेले में दिलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए थे। नवरात्रि के धार्मिक आयोजन की मर्यादा का हवाला देते हुए मंत्री ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था, “आप शराब पीकर यहां गाना गा रहे हैं।”
इस घटना को लेकर काफी विवाद और चर्चा हुई थी। अब छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मंच से अभिजीत भट्टाचार्य ने इसी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री के बयान का समर्थन किया।
“मैं बेसुरा गाऊंगा, लेकिन लाइव गाऊंगा”
अभिजीत भट्टाचार्य ने दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका गला खराब हो सकता है, वे थक सकते हैं या बेसुरा भी गा सकते हैं, लेकिन उनकी प्रस्तुति लाइव होगी।
उन्होंने कहा कि दर्शक अपना समय देते हैं, आयोजन पर पैसा खर्च होता है और प्रशासन से लेकर विभाग तक बड़ी मेहनत करता है। ऐसे में कलाकार की जिम्मेदारी है कि वह दर्शकों के साथ ईमानदारी बरते।
अभिजीत ने साफ शब्दों में कहा कि वह कभी दर्शकों को इस तरह चीट नहीं करेंगे कि गाने के नाम पर केवल मुँह हिलाएं। उन्होंने अपने संगीतकारों की सराहना करते हुए बताया कि उनके साथ पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से संगीतकार मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं और उनका पूरा कार्यक्रम लाइव होता है।
मंच से उठाया बड़ा सवाल
अभिजीत भट्टाचार्य का बयान केवल एक गायक के समर्थन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंचीय कार्यक्रमों में लाइव गायन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। उनका संदेश स्पष्ट था—दर्शक मनोरंजन के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें वास्तविक गायन सुनने का अधिकार भी है।
कुंजापुरी मेले में मंत्री सुबोध उनियाल की टिप्पणी के बाद अब अभिजीत भट्टाचार्य का समर्थन इस विवाद को एक नया मोड़ देता नजर आ रहा है। सवाल यही है कि मंच पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं या रिकॉर्डेड आवाज के सहारे दर्शकों को मनोरंजन का एहसास करा रहे हैं?
अभिजीत के शब्दों में—“जैसा भी गाऊंगा, लाइव गाऊंगा।” यही बयान अब संगीत जगत में चर्चा का केंद्र बन गया है।
