कोरिया / चिरमिरी – कोयला मजदूरों के दसर्वे वेतन समझौते में हो रहे विलम्ब से नाराज संयुक्त कोयला मजदूर संघ एटक के द्वारा 16 सुत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को महाप्रबंधक कार्यालय एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के समक्ष सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन में केन्द्रीय महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने केन्द्र सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार पूरी तरह पूंजीपतियों के हाथो बिक चुकी है केन्द्र सरकार द्वारा कोल इंडिया को निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है यही कारण है कि सुनियोजित साजिश के तहत् कोयला श्रमिकों की सुविधाओं में कौटोती की जा रही है श्रमिक कालोनियों का कायाकल्प करने डिसेंट हाउसिंग योजना के तहत श्रमिक आवासों में करोडों रूपए लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यो में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत कोल इंडिया में तीन लाख से अधिक कोयला कामगारों के दसवें वेतन समझौते में अकारण विलम्ब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी हडताल किए बिना कोयला मजदूरों का दसवां वेतन समझौता होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब कोयला मजदूरों के एकजुट होने का समय आ गया है। एटक नेता ने बताया कि दसवां वेतन समझौता अविलंब करने सहित 16 सूत्रीय मजदरू हितैषी मांगों को लेकर एसईसीएल में संयुक्त कोयला मजदूर संघ ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है उन्हांेने बताया कि विगत 24 अप्रैल को जमुना कोतमा क्षेत्र में धरना प्रदर्शन कर आंदोलन का शंखनाद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 5 मई तक सभी क्षेत्रों में प्रबंधन की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में धरना प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा। उन्होने बताया कि बुधवार को चिरमिरी बैकुण्ठपुर सहित 27 अप्रैल केा सोहागपुर व गेवरा क्षेत्र, 28 अप्रैल को कोरबा क्षेत्र, 29 अप्रैल को हसदेव क्षेत्र, 2 मई को रायगढ क्षेत्र, 3 मई को कुसमुंडा क्षेत्र, 4 मई को दीपका क्षेत्र एवं 5 मई को बिलासपुर मुख्यालय में धरना प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया जाएगा।
क्षेत्रीय महामंत्री लिंगराज नायक ने कहा कि केन्द्र सरकार कोयला उद्योग को निजी हाथो में सौंपने की तैयारी में है इसका एकट संगठन पूरी ताक से विरोध करेगा। उन्होंने बतया कि कोयला मजदूरों का 10वां वेतन समझौता अविलम्ब करने सहित ठेका मजदूरों एवं निजी सुरक्षाकर्मियों का शोषण रोकने, घाटे के नाम पर खदान बंद करे, ओटी एवं सण्डे ड्यूटी यथावत चालू रखने, बायोमेट्रिक हाजरी सिस्टम लागू नहीं करने , 9, 4, 0 के लिए एवं वैकल्पिक कार्य के लिए हाजिरी की बाध्यता को समाप्त करते हुए साल में तीन बार मेडिकल बोर्ड कराए जाने मेन परवर बजट सभी क्षेत्रों में क्षेत्रीय सलाहकार समिति में चर्चा के बाद बनान ेसहित 20 सुत्रीय श्रमिक हितैषी मांगों को लेकर श्रमिक संगठन एटक ने एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ श्रमिक हित में मोर्चा खोलेगी।
वरिष्ठ नेता भागवत प्रसाद दुबे ने कहा कि आरटीआई के आड में व्यवसाय चलाने वाले दर्जनों अपराध में लिप्त आरोपीयों के द्वारा फर्जी तरीके से आरटीआई लगाकर प्रबंधन की सांठगांठ से कोयला मजदूरों पर कार्यवाही की जा रही है जिसका संघ वैधानिक कार्यवाही के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने बाध्य होगा। क्योंकि जिस कर्मचारी को फर्जी बताया ड्यूटी से बर्खास्त किया जाता है उसके बदले असली व्यक्ति या कर्मचारी को आरटीआई कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रबंधन एवं पुलिस के समक्ष क्यों पेश नहीं किया जाता है। कर्मचारी पर एक तरफा कार्यवाही करना प्रशासन और प्रबंधन एवं आरटीआई कार्यकर्ताओं की मिलीभगत का परिणाम हैै। आरटीआई कार्यकर्ताओं तथा प्रशासन के गलत प्रतिवेदन पर प्रबंधन के द्वारा एसईसीएल कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया जा रहा है उस पर रोक लगाने हेतु एटक पहल करेगा। वहीं कुरासिया ओपन कास्ट खदान को बंद करने का प्रबंधन द्वारा साजिश रची जा रही है इसके खिलाफ एटक बगावत करेगा।
उक्त विरोध प्रदर्शन के दौरान सोमनाथ प्रधान, शिव प्रसाद, मुस्ताक अली, उवैद उल्ला, मुस्तकीन, हरिहर दास, सलाम खान, रेहाना नियाजी, इंदु कुमारी, सुनीता खटीक, राधेश्याम कर्ष, दीपक नाहक, कय्युम अंसारी, शरद कुमार दुबे, कैलाश पण्डा, देवेन्द्र सिंह, दिनेश्वर सिंह आदि पदाधिकारी कार्यकर्ता के द्वारा उपस्थित जनों को सम्बोधित किया गया एवं भारी संख्या में संघ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
धरना प्रदर्शन में केन्द्रीय महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने केन्द्र सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार पूरी तरह पूंजीपतियों के हाथो बिक चुकी है केन्द्र सरकार द्वारा कोल इंडिया को निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है यही कारण है कि सुनियोजित साजिश के तहत् कोयला श्रमिकों की सुविधाओं में कौटोती की जा रही है श्रमिक कालोनियों का कायाकल्प करने डिसेंट हाउसिंग योजना के तहत श्रमिक आवासों में करोडों रूपए लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यो में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत कोल इंडिया में तीन लाख से अधिक कोयला कामगारों के दसवें वेतन समझौते में अकारण विलम्ब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी हडताल किए बिना कोयला मजदूरों का दसवां वेतन समझौता होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब कोयला मजदूरों के एकजुट होने का समय आ गया है। एटक नेता ने बताया कि दसवां वेतन समझौता अविलंब करने सहित 16 सूत्रीय मजदरू हितैषी मांगों को लेकर एसईसीएल में संयुक्त कोयला मजदूर संघ ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है उन्हांेने बताया कि विगत 24 अप्रैल को जमुना कोतमा क्षेत्र में धरना प्रदर्शन कर आंदोलन का शंखनाद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 5 मई तक सभी क्षेत्रों में प्रबंधन की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में धरना प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा। उन्होने बताया कि बुधवार को चिरमिरी बैकुण्ठपुर सहित 27 अप्रैल केा सोहागपुर व गेवरा क्षेत्र, 28 अप्रैल को कोरबा क्षेत्र, 29 अप्रैल को हसदेव क्षेत्र, 2 मई को रायगढ क्षेत्र, 3 मई को कुसमुंडा क्षेत्र, 4 मई को दीपका क्षेत्र एवं 5 मई को बिलासपुर मुख्यालय में धरना प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया जाएगा।
क्षेत्रीय महामंत्री लिंगराज नायक ने कहा कि केन्द्र सरकार कोयला उद्योग को निजी हाथो में सौंपने की तैयारी में है इसका एकट संगठन पूरी ताक से विरोध करेगा। उन्होंने बतया कि कोयला मजदूरों का 10वां वेतन समझौता अविलम्ब करने सहित ठेका मजदूरों एवं निजी सुरक्षाकर्मियों का शोषण रोकने, घाटे के नाम पर खदान बंद करे, ओटी एवं सण्डे ड्यूटी यथावत चालू रखने, बायोमेट्रिक हाजरी सिस्टम लागू नहीं करने , 9, 4, 0 के लिए एवं वैकल्पिक कार्य के लिए हाजिरी की बाध्यता को समाप्त करते हुए साल में तीन बार मेडिकल बोर्ड कराए जाने मेन परवर बजट सभी क्षेत्रों में क्षेत्रीय सलाहकार समिति में चर्चा के बाद बनान ेसहित 20 सुत्रीय श्रमिक हितैषी मांगों को लेकर श्रमिक संगठन एटक ने एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ श्रमिक हित में मोर्चा खोलेगी।
वरिष्ठ नेता भागवत प्रसाद दुबे ने कहा कि आरटीआई के आड में व्यवसाय चलाने वाले दर्जनों अपराध में लिप्त आरोपीयों के द्वारा फर्जी तरीके से आरटीआई लगाकर प्रबंधन की सांठगांठ से कोयला मजदूरों पर कार्यवाही की जा रही है जिसका संघ वैधानिक कार्यवाही के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने बाध्य होगा। क्योंकि जिस कर्मचारी को फर्जी बताया ड्यूटी से बर्खास्त किया जाता है उसके बदले असली व्यक्ति या कर्मचारी को आरटीआई कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रबंधन एवं पुलिस के समक्ष क्यों पेश नहीं किया जाता है। कर्मचारी पर एक तरफा कार्यवाही करना प्रशासन और प्रबंधन एवं आरटीआई कार्यकर्ताओं की मिलीभगत का परिणाम हैै। आरटीआई कार्यकर्ताओं तथा प्रशासन के गलत प्रतिवेदन पर प्रबंधन के द्वारा एसईसीएल कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया जा रहा है उस पर रोक लगाने हेतु एटक पहल करेगा। वहीं कुरासिया ओपन कास्ट खदान को बंद करने का प्रबंधन द्वारा साजिश रची जा रही है इसके खिलाफ एटक बगावत करेगा।
उक्त विरोध प्रदर्शन के दौरान सोमनाथ प्रधान, शिव प्रसाद, मुस्ताक अली, उवैद उल्ला, मुस्तकीन, हरिहर दास, सलाम खान, रेहाना नियाजी, इंदु कुमारी, सुनीता खटीक, राधेश्याम कर्ष, दीपक नाहक, कय्युम अंसारी, शरद कुमार दुबे, कैलाश पण्डा, देवेन्द्र सिंह, दिनेश्वर सिंह आदि पदाधिकारी कार्यकर्ता के द्वारा उपस्थित जनों को सम्बोधित किया गया एवं भारी संख्या में संघ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
