रायपुर। छत्तीसगढ़ में DMF और आबकारी घोटाले की परतें खुलने के साथ ही आज सुबह EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग) और ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने संयुक्त रूप से राज्यव्यापी बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। घोटाले से जुड़े सरकारी अधिकारियों, कारोबारी समूहों और प्रभावशाली लोगों पर शिकंजा कसते हुए लगभग 18 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई है।
कार्रवाई रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव सहित कई जिलों में चल रही है। टीमों ने तड़के घरों, दफ्तरों और संबंधित परिसरों में दस्तावेज, हार्ड डिस्क, फाइलें और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाली कार्रवाई पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर हुई दबिश है। रायपुर स्थित उनके आवास, आधिकारिक कक्ष और उनसे जुड़े अन्य प्रमुख स्थानों पर EOW–ACB की टीमें मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि छापों का दायरा लगातार बढ़ रहा है और शुरुआती चरण में ही कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं।
सूत्रों का कहना है कि DMF फंड के दुरुपयोग, आबकारी मदों में अनियमितताओं और लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए प्रभावशाली नेटवर्क की जांच काफी दिनों से चल रही थी, जिसके बाद आज तड़के समन्वित कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का दावा है कि
फंड की हेराफेरी,
कमीशन नेटवर्क,
फर्जी टेंडरिंग,
और आबकारी विभाग में पूर्व वर्षों में किए गए कथित ‘सिंडिकेट सिस्टम’
को लेकर कई महत्वपूर्ण सुबूत मिलने की संभावना है।
राज्यभर में अचानक पड़ रहे छापों से प्रशासनिक और कारोबारी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। दिनभर में कार्रवाई और भी बढ़ने के संकेत हैं।
