रायपुर, 21 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थल माता कौशल्या धाम, चंद्रखुरी में शीघ्र ही 51 फीट ऊँची वनवासी स्वरूप की भव्य श्रीराम प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह विशाल प्रतिमा मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर से विधिवत रवाना हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने इस प्रतिमा का निर्माण किया है। ग्वालियर स्थित सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में महीनों की मेहनत और उत्कृष्ट शिल्प कौशल से तैयार यह प्रतिमा भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का अनूठा उदाहरण है।
वनवासी स्वरूप में श्रीराम की दिव्य छवि
प्रतिमा में भगवान श्रीराम को वनवासी रूप में धनुष-बाण धारण किए संयम, त्याग और मर्यादा के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। इसे मजबूत और टिकाऊ ‘सेंड मिंट स्टोन’ से तैयार किया गया है।
राज्य सरकार की श्रीराम वनगमन पथ परियोजना के अंतर्गत इससे पहले भी शिवरीनारायण मंदिर और सीता रसोई में भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
रामवनगमन पथ को मिलेगा नया आयाम
चंद्रखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है, जहाँ माता कौशल्या का मायका स्थित है। यहां पूर्व स्थापित प्रतिमा के स्थान पर अब यह नई विराट प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इससे यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के प्रयासों के बीच इस प्रतिमा की स्थापना को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आस्था, कला और विकास का संगम
51 फीट ऊँची यह प्रतिमा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और शिल्प परंपरा का प्रतीक बनेगी। इसके स्थापित होते ही चंद्रखुरी देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बन जाएगा, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
