जांजगीर-चांपा, 25 जून। जिले के कोसमंदा गांव में एक शादी उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब दुल्हन मुस्कान ने मंडप में ही शराब के नशे में पहुंचे दूल्हे से शादी करने से इनकार कर दिया। शादी की रस्मों के दौरान दूल्हे की हालत देखकर मुस्कान ने साफ कहा कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ अपना भविष्य नहीं जोड़ सकती। परिवार ने भी बेटी के फैसले का समर्थन किया और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
जानकारी के अनुसार, विवाह समारोह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और रस्में चल रही थीं। इसी दौरान दूल्हे के नशे में होने की बात सामने आई। बताया गया कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। यह देखकर दुल्हन मुस्कान ने विरोध जताया और शादी से साफ इनकार कर दिया।
मुस्कान ने कहा कि शादी जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय है और ऐसे अवसर पर नशे में पहुंचे व्यक्ति को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार करना उचित नहीं है। परिवार ने सामाजिक दबाव की परवाह किए बिना बेटी के निर्णय को प्राथमिकता दी और विवाह की प्रक्रिया रोक दी गई।
घटना के बाद कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति सामान्य कराई गई। बिना किसी बड़े विवाद के बारात वापस लौट गई।
मामले की जानकारी मिलने पर जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने मुस्कान और उसके परिवार को एसपी कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शादी जैसे मांगलिक अवसर पर नशा स्वीकार नहीं किया जा सकता और बेटियों को अपने भविष्य से जुड़े फैसले लेने का पूरा अधिकार है।
एसपी ने मुस्कान के फैसले को साहसिक बताते हुए कहा कि यह अन्य युवतियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है। जिले में इस घटना की व्यापक चर्चा हो रही है और लोग इसे आत्मसम्मान, जागरूकता तथा नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
