राज्योत्सव के समापन समारोह में बोले गृह मंत्री—‘अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा’; नवा रायपुर में लगाए जाएंगे 5 लाख पीपल
रायपुर, 3 नवंबर 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ को विकास की नई दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर आदिवासी समाज को नक्सलमुक्ति की शुभकामनाएं देते हुए इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति समारोह में उपस्थित रहे।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारा है। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्ति का संकल्प अब विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नक्सलवाद पर प्रहार, आदिवासियों के अधिकारों पर जोर
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के कारण बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां सांस्कृतिक गलियारा बनना चाहिए था, वहां रेड कॉरिडोर बन गया। बच्चों के हाथों में कलम की जगह बंदूक थमा दी गई और स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीब आदिवासियों के मानवाधिकार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। शाह ने कहा कि नक्सल हिंसा में अंग गंवाने वाले लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने सरकार की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में लाने का अवसर दिया गया, जबकि हिंसा जारी रखने वालों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। उनके अनुसार, इस नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
बस्तर की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा नया अवसर
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विरासत का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ पंडुम, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने पंथी, पांडवानी, राउत नाचा, कर्मा और सैला जैसे लोकनृत्यों तथा ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बताया।
उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थल विश्वभर के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।
नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी’
गृह मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवा रायपुर में पांच लाख पीपल के पेड़ लगाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित कर दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरण-मित्र शहरों में शामिल करने का लक्ष्य है।
शाह ने राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने मोदी सरकार की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी की हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी, कृषि, वनोपज, पशुपालन और एमएसएमई क्षेत्र में हो रहे कार्यों का भी जिक्र किया।
‘भय से भरोसे और संसाधन से समृद्धि की ओर’
अमित शाह ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ के बारे में कहा जाता था कि धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की धरती और यहां के लोग दोनों समृद्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को भय से भरोसे, संसाधन से समृद्धि और संभावनाओं से सिद्धि की ओर ले जाना सरकार का लक्ष्य है। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित भी किया गया।
