प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- हर पात्र परिवार को पक्का मकान देना सरकार का संकल्प
रायपुर, 5 नवंबर। दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के हजारों शहरी गरीब परिवारों के लिए खुशखबरी आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत भारत सरकार ने प्रदेश के 4,670 नए आवासों को स्वीकृति प्रदान की है। ये आवास 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे। नई स्वीकृति के साथ ही छत्तीसगढ़ में योजना के बीएलसी और एएचपी घटकों के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 76,086 हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शहरी जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। दीपावली से पहले मिली यह मंजूरी उन परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, जो लंबे समय से अपने पक्के घर का सपना देख रहे हैं।
बीएलसी घटक में 60,623 आवास स्वीकृत
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक में पहले 55,953 आवासों को मंजूरी मिली थी। अब 4,670 नए आवासों की स्वीकृति के बाद यह संख्या बढ़कर 60,623 हो गई है।
वहीं, भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के अंतर्गत पहले से 15,463 आवास स्वीकृत हैं। इस तरह दोनों घटकों को मिलाकर प्रदेश में अब तक कुल 76,086 आवासों को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।
हर पात्र परिवार को पक्का मकान देना लक्ष्य : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए आवासों की स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबके लिए आवास के संकल्प को छत्तीसगढ़ में तेजी से पूरा किया जा रहा है। 4,670 नए आवासों की मंजूरी से हजारों शहरी गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव ने भी इस स्वीकृति को शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी हितग्राही परिवारों को बधाई देते हुए संबंधित 84 नगरीय निकायों को आवास निर्माण में लाभार्थियों को हरसंभव सहयोग देने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर शहरी गरीब परिवार को अपना पक्का घर मिले, यही राज्य सरकार का लक्ष्य है।
दीपावली के अवसर पर मिली यह स्वीकृति हजारों परिवारों के लिए केवल मकान निर्माण की मंजूरी नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, सम्मान और बेहतर जीवन की उम्मीद भी लेकर आई है। अब इन परिवारों को अपने पक्के आशियाने का सपना पूरा होने की प्रतीक्षा है।
