कोरिया / जनकपुर उपडाकपाल द्वारा खातेदारों के लाखों रूपये की जमा रकम के गबन का संसनी खेज मामला सामने आया है। मामला प्रकाश मे आने के बाद से आरोपी डाकपाल फरार है वहीं मामले मे जांच प्रक्रिया चल रही है। वहीं जांच मे आये अधिकारियों के मुताबिक पूरे मामले के जांच के बाद रिर्पोट तैयार कर रायगढ़ डाक विभाग के आला अधिकोरियों को पूरे प्रकरण की जानकारी दी जायेगी ।
मामले के संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार उप डाकघर में पदस्थ उपडाकपाल राकेश कुमार सिन्हा पर सुनियोजित तरीके से खातेदारों की रकम के गबन करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उपडाकपाल ने खाता धारकों की जमा रकम मे से लगभग 20 से 25 लाख रूपये पर हाथ साफ कर दिये है। यह भी जानकारी मिली है गबन की यह राशी तकरीबन 50 लाख से भी अधिक तक हो सकती है। खाताधारकों की गाड़ी कमाई को लेकर उप डाकपाल द्वारा फरार होने की जानकारी मिलते ही सैकडों खाताधारकों के होष उड़ गये। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाका होने की वजह से ज्यादातर खातेदार गरीब तबके के और किसान भी है जो पाई-पाई जोड़ कर पोस्ट आफिस मे राशी जमा करते है।
उक्त मामला खुलासा होने के बाद निरीक्षक उपसंभागीय डाक (बैकुण्ठपुर) खगेष्वर प्रसाद साहू ने बताया कि अभी हाल ही मे जानकारी मिली थी कि बीते एक महीने मे काफी राशी का आहरण किया गया है। जिसकी जानकारी मिलने के बाद रूटिंग जांच कराई गई थी जिसके तहत खातों को भी खंगाला गया था। जांच मे यह बात सामने आयी कि एक वर्ष पूर्ण होने के बाद खातेदार कुल राशी का आधा भाग आहरित कर सकता है और इसी बात का फायदा उठा कर उपडाकपाल राकेश कुमार सिन्हा ने योजनाबद्व तरीके से जानकारी इकठ्ठा करके राशी आहरित कर ली। साहू ने यह भी बताया कि कूटरचित इस षड्यंत्र के तहत उपडाकपाल ने उन्ही खाताधारकों को अपना निशाना बनाया जिनमे ज्यादा रकम जमा होती थी। उक्त मामले की जांच करने पहुंचे उक्त संभागीय डाक निरीक्षक बैकुण्ठपुर खगेश प्रसाद साहू एवं उपसंभागीय डाक निरीक्षक अम्बिकापुर पटेल ने बताया कि फिलहाल अभी जांच चल रही है जिसकी रिर्पोट तैयार कर रायगढ़ डाक विभाग के आला अधिकारियों को भेजा जोयेगा।
खुलासा होते ही फरार हुआ उपडाकपाल
उक्त मामले के प्रकाश मे आते ही तत्काल कार्यवाही करते हुए उपडाकपाल को जनकपुर से अम्बिकापुर अटैच कर दिया था। 19 मई उपडाकपाल राकेश कुमार सिन्हा को जनकपुर से हटाये जाने के बाद से ही फरार है।
उपडाकपाल पर लाखों रूपये गबन का आरोप, खुलासा के बाद फरार हुआ उपडाकपाल
