00 केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने किया रायपुर के प्रयास विद्यालय का दौरा
00 जमीन में दरी पर बैठकर बच्चों से की बातचीत
00 प्रयास विद्यालयों के बच्चों को आई.आई.टी., आई.आई.एम. और एन.आई.टी. के प्राध्यापक भी देंगे मार्गदर्शन
रायपुर/ केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज सवेरे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों के बच्चों से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि नक्सल प्रभावित जिलों के मेधावी बच्चों को ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाओं में प्रवेश देकर उन्हें इन विद्यालयों में पी.एम.टी., पी.ई.टी. और जे.ई.ई. जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग भी दी जा रही है। राजधानी रायपुर सहित सभी पांच संभागीय मुख्यालयों में प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
आदिम जाति विकास विभाग की इस योजना के तहत रायपुर में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग ‘प्रयास विद्यालय’ चल रहे हैं, जिनमें कुल 461 बच्चे दर्ज है। इनमें 244 बालक और 217 बालिकाएं शामिल हैं। केन्द्र्रीय मंत्री जावड़ेकर ने राज्य के स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री केदार कश्यप के साथ राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय का दौरा किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। जावड़ेकर ने कहा कि यहां नक्सल प्रभावित जिलों के अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्गों के बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है। उन्हें सिर्फ परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि उनके भविष्य निर्माण के लिए शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में यहां अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्रों का भविष्य संवारा जा रहा है। जावड़ेकर ने कहा कि आज रायपुर में आई.आई.टी. भिलाई का शुभारंभ हो रहा है। मैं आई.आई.टी., आई.आई.एम. एन.आई.टी. सहित देश की सभी उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के प्राध्यापकों से भी कहूंगा कि वे ‘प्रयास‘ विद्यालयों में आकर बच्चों को विभिन्न तकनीकी विषयों पर व्याख्यान और मार्गदर्शन दें।
जावड़ेकर ने सभाकक्ष में जमीन पर दरी में बैठकर बच्चों से उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों के बारे में कई सवाल भी किए और उनका हौसला बढ़ाया। जावड़ेकर ने कहा- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विकास के लिए ‘सबको शिक्षा-अच्छी शिक्षा’ की जरूरत पर बल दिया है। जावेड़कर ने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित प्रयास विद्यालय ‘सबको शिक्षा-अच्छी शिक्षा’ देने का सार्थक और सफल उदाहरण है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष रूप से तारीफ की। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर आज यहां राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में नक्सल हिंसा से प्रभावित छात्र-छात्राओं के उन्नयन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘प्रयास‘ आवासीय विद्यालय के अवलोकन के दौरान उक्त आशय के विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने बच्चों के बीच बैठकर पूछे प्रश्न – केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ‘प्रयास‘ विद्यालय में बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर उनसे कई सवाल भी पूछे। जावड़ेकर ने पूछा कि स्कूल और प्रयास में क्या अलग है, वो क्या बनना चाहते है, डिजीटल शिक्षा मिलने से क्या फायदा है तथा पढ़ाई के अलावा और कौन-कौन सी बातें यहां सीखने को मिल रही है। प्रयास विद्यालय में अध्ययन के बाद एनआईटी में चयनित हुए अंबिकापुर के सूरज ने बताया कि पहले आई.आई.टी., एनआईटी के बारे में नही जानता था, यहां चीजों को फील करना सिखाया जाता है। गरियाबंद की कु. अनीता कंवर ने कहा कि यहां परीक्षा पास करने के लिए नही बल्कि भविष्य बनाने की शिक्षा मिल रही है। कांकेर के रामकिशोर ने कहा कि वो कलेक्टर, इंजीनियर नही बल्कि शिक्षक बनाना चाहता है ताकि अपने जैसे हजारों बच्चों को कलेक्टर और इंजीनियर बना सके। सुकमा के भुवनेश्वर मरकाम ने कहा कि नक्सलियों ने उसके पिताजी को मारा है वो कलेक्टर बनकर अपने गांव का विकास करना चाहता है ताकि नक्सलियों की सोच बदल सके। राजनांदगांव के जयप्रकाश ने बताया कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ स्वच्छता, खेलकूद, बागवानी तथा मेस संचालन की भी शिक्षा मिल रही है। कांकेर की कु. रीना ने कहा कि डिजीटल शिक्षा से सब कुछ दिमाग में क्लिक हो जाता है। बच्चों के जबाव सुनकर श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सही मायने में यही शिक्षा है जो जीवन को सबंल प्रदान करती है। शिक्षा से आपके, परिवार, समाज, प्रदेश और देश की तस्वीर बदलती है। श्री जावड़ेकर ने प्रयास विद्यालय के शिक्षकों की भी प्रशंसा की जो बच्चों के भविष्य निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे है। श्री जावड़ेकर ने कहा कि ईश्वर के दर्शन के लिए मंदिर कभी-कभी जाता हॅू परंतु जब भी मन करता है स्कूल चला जाता हॅू, क्योकि यहीं मेरा मंदिर है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा आदिम जाति और अनूसूचित जाति विकास मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रयास, आस्था, निष्ठा तथा सहयोग संस्थाओं का संचालन कर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा नक्सल हिसंा प्रभावित बच्चों के भविष्य को संवारते हुए उनके सपनो को साकार किया जा रहा है। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा विकासखण्ड मुख्यालयों में 500-500सीटर के 28 छात्रावासों का निर्माण भी कराया जा रहा है। आदिम जाति एवं अनूसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त राजेश सुकुमार टोप्पो ने बताया कि नक्सल हिंसा प्रभावित बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए लिए राज्य सरकार द्वारा पहले रायपुर में और अब सभी संभाग मुख्यालयों में प्रयास संस्था का संचालन किया जा रहा है। 2012 से अब तक एनआईटी में 74, आईआईटी में 27, इंजीनियरिंग में 450 तथा एमबीबीएस में 8 छात्र-छात्राएं चयनित हो चुके है। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री से आग्रह किया कि यहां के छात्र-छात्राएं ग्रामीण परिवेश से है वो आईआईटी और एनआईटी जैसी संस्थाओं में जाएं तो उन्हें वहां के वातावरण से अपने आप को ढालने के लिए आवश्यक सहयोग मिले ताकि वो अपने कैरियर का निर्माण कर सके। जिस पर प्रकाश जावड़ेकर ने उच्च शिक्षण संस्थाओं को इस संबंध में आवश्यक निर्देश देने को कहा है। जावड़ेकर ने इस अवसर पर प्रयास विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया। आदिम जाति विकास विभाग के संचालक चन्द्रकांत उइके सहित विभागीय अधिकारी व प्रयास विद्यालय के शिक्षक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
