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शुरू हुआ ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्‍व अभियान’, अब हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती माताओं के स्वास्थ का मुप्त इलाज

दिल्ली / देश में गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ सुविधा सुधारने के उद्देश्‍य से केंदीय स्वास्थ मंत्री जे पी नड्डा ने ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्‍व अभियान'(पीएमएसएमए) की शुरूआत की है।
           इसके अंतर्गत देशभर के सरकारी अस्पतालों में हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती माताओं के स्वास्थ की मुफ्त जांच होगी और मुफ्त इलाज किया जाएगा।

नई दिल्ली में आयोजित समारोह में जे पी नड्डा ने निजी अस्पतालों के डॉक्‍टरों से आग्रह किया कि वे गर्भवती माताओं की नियमित जांच के लिए सरकारी अस्‍पतालों में जाएं। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि बड़ी संख्‍या में महिलाएं लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के जरिए देश भर में लगभग 3 करोड़ गर्भवती महिलाओं को विशेष मुफ्त प्रसव पूर्व देखभाल मुहैया कराई जाएगी, ताकि उच्‍च जोखिम वाले गर्भधारण का पता लगाने के साथ-साथ इसकी रोकथाम की जा सके।

ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही क्षेत्रों में चिन्‍हित स्‍वास्‍थ्‍य सेवा केंद्रों पर सामान्‍य प्रसव पूर्व जांच के अलावा अल्ट्रासाउंड, रक्त और मूत्र परीक्षण सहित इन सेवाओं को उपलब्‍ध कराया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि इसका एक उद्देश्‍य उच्‍च जोखिम वाले गर्भधारण का पता लगाना और इस दिशा में समुचित कदम उठाना है, ताकि एमएमआर और आईएमआर में कमी संभव हो सके।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने निजी क्षेत्र के डॉक्‍टरों से सरकारी प्रयासों के पूरक के तौर पर स्‍वैच्‍छिक सेवाएं मुहैया कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में अनेक सूचकांकों के बारे में महत्वपूर्ण प्रगति की है और देश में नवजात शिशु मृत्यु दर (आईएमआर), मातृ मृत्यु दर (एमएमआर), कुल प्रजनन दर (टीएफआर) जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकेतकों में पर्याप्त प्रगति की है और देश में पांच मृत्यु दरों के अधीन विश्व की तुलना में तेजी से गिरावट आई है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि देश में मातृ मृत्यु दर कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य उन महिलाओं पर केंद्रित है जिनकी एएनसी जांच नहीं हुई है या बीच में छूट गई है इसलिए पीएमएसएमए क्लीनिक में जाने वाली सभी गर्भवती महिलाओं को आईएफए और कैल्शियम सप्लीमेंट जैसी जांच और दवाइयों का न्यूनतम पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।

भारत में यूनिसेफ के प्रतिनिधि लुइस जॉर्ज आर्सेनॉल्‍ट ने कहा कि पीएमएसएमए कार्यक्रम इस वादे पर आधारित है कि देश की हर गर्भवती महिला की चिकित्सक द्वारा जांच की जाए और गर्भावस्था के दौरान कम से कम एक बार उचित जांच की जाए। उन्होंने कहा इस पहल से निश्चित रूप से जच्चा और बच्चा के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

इस अवसर पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने सुरक्षित मातृत्‍व के बारे में एक वैब पोर्टल और एक मोबाइल ऐप भी जारी किया।

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