जगदलपुर। बस्तर दौरे पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शनिवार को जगदलपुर शहर में चल रहे सड़क और ड्रेनेज निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक निर्माणाधीन 5 किलोमीटर फोरलेन सड़क और ड्रेनेज परियोजना की धीमी प्रगति पर निगम अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई।
चित्रकोट रोड पर लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से सड़क और ड्रेनेज निर्माण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं होने और कार्य में समुचित योजना के अभाव को लेकर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम से पहले ड्रेनेज निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब बारिश के दौरान शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
निरीक्षण के दौरान श्री साव ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि कौन-सा काम पहले किया जाना चाहिए। पहले ड्रेनेज बनना चाहिए था और उसके बाद सड़क निर्माण होना था। बिना योजना के काम करने से जनता को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “काम करवाओ और गाली खाओ” जैसी स्थिति इस सरकार में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए कहा कि शहर का नागरिक होने के बावजूद उसे लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं का एहसास नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार अपने तरीके से काम कर रहा है और परियोजना को गंभीरता से नहीं ले रहा।
निगम अधिकारियों पर भी नाराजगी जताते हुए श्री साव ने कहा कि यदि समय पर काम नहीं हो रहा है तो प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था का क्या लाभ है। उन्होंने कहा कि यह शहर के प्रमुख मार्गों में से एक है और यहां की जनता को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। केवल पत्राचार और नोटिस जारी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखने चाहिए।
उन्होंने बताया कि जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 5 किलोमीटर सड़क के लिए 27 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन न तो कार्य में अपेक्षित गति दिखाई दे रही है और न ही उचित योजना।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पिछले करीब 10 दिनों से कार्य लगभग रुका हुआ है। इस पर नाराजगी जताते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ठेकेदार पर नोटिसों का कोई असर दिखाई नहीं देता। पर्याप्त मानव संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बारिश के दौरान ड्रेनेज निर्माण और अधिक प्रभावित होगा।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदार की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के भी संकेत दिए।
