00 मुख्यमंत्री ने किया लाल बहादुर शास्त्री आवासीय परिसर का लोकार्पण
00 थानेदारों के लिए लगभग 4.36 करोड़ रूपए की लागत से बनाए गए 48 मकान
रायपुर / मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां पुलिस लाईन के बैरनबाजार मोहल्ले में छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा चार करोड़ 36 लाख रूपए की लागत से निर्मित लाल बहादुर शास्त्री आवासीय परिसर का लोकार्पण किया। इस परिसर में पुलिस के निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के लिए 48 मकान बनाए गए हैं।
डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस बल को सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ सुविधाओं की भी जरूरत है। पुलिस लाईन में पुलिस कर्मियों के 30-40 वर्ष पुराने जीर्ण-शीर्ण आवास देखकर पीड़ा होती थी, उन्हें बेहतर आवासीय सुविधा प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के माध्यम से नये आवास बनाने के काम की शुरूआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन शायद देश में पुलिस की अकेली ऐसी संस्था है, जो लगभग दो हजार करोड़ रूपए की लागत से पूरे प्रदेश में आरक्षकों से लेकर राजपत्रित अधिकारियों के लिए 10 हजार मकानों के निर्माण का इतना बड़ा काम कर रही है।
गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। समारोह में लोकसभा सांसद रमेश बैस, विधायक श्रीचंद सुंदरानी, नगर निगम रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर सुनिल सोनी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। गृह विभाग के प्रमुख सचिव बी.व्ही.आर.सुब्रमणयम और पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय सहित पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज राजनांदगांव-महाराष्ट्र की सीमा से महासमुंद जिले के सरायपाली तक प्रारंभ की गई पुलिस हाईवे पेट्रोलिंग सुविधा का विस्तार आने वाले समय में बस्तर-अम्बिकापुर हाईवे पर भी किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर ‘छत्तीसगढ़ क्राइम एंड क्रिमनल डाटाबेस एप’ सहित रोड एक्सिडेंट डाटा, क्राइम डाटा और पुलिस को प्राप्त होने वाली शिकायतों के डाटा पर पुलिस विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा अगले वर्ष तक पूरे प्रदेश में सात हजार मकानों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कार्पोरेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि कार्पोरेशन समय पर मकानों का निर्माण पूरा कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण का कार्य कार्पोरेशन द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस बल की संख्या 22 हजार से बढ़कर 75 हजार से अधिक हो गई है। इन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। गृहमंत्री श्री रामसेवक पैकरा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा बस्तर के नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों में थानों और सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जवान प्रदेश में सफलतापूर्वक नक्सल चुनौती का सामना कर रहे हैं। पुलिस बल को बेहतर सुविधा मिलने से और भी अधिक तन्मयता के साथ प्रदेश की सेवा में योगदान दे सकेंगे।
पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय ने कहा कि हाईवे पेट्रोलिंग से दुर्घटना में पीड़ितों को तत्काल राहत मिल सकेगी। विशेष पुलिस महानिदेशक (नक्सल आपरेशन) और छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंधन संचालक डी.एम. अवस्थी ने कार्पोरेशन के कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि बस्तर संभाग के दुर्गम नक्सल प्रभावित क्षेत्र में इंजरम-भेज्जी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस सड़क को बनाने में अनेक जवानों ने अपनी शहादत दी। उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष बारिश के पहले दोरनापाल-जगरगुण्डा सड़क का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
