चंडीगढ़ / दो साध्वियों के यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। जिसके बाद अब राम रहीम को अम्बाला जेल दाखिल किया जा रहा है।
विशेष अदालत ने दोपहर करीब ढाई बजे राम रहीम पर 15 साल पुराने यौन शोषण के आरोपो को सही पाया। फैसले के बाद किसी भी तरह की अप्रिय घटना घटित न हो इसके लिए पहले से ही हरियाणा और पंजाब में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट प्रशासन को पहले ही आदेश दे चुका है कि किसी भी कीमत पर शांति भंग नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि दोनों राज्यों में किसी भी कीमत पर शांति भंग नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सेना को कार्रवाई की छूट दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि पंचकूला में कोई भी नेता नहीं आना चाहिए। किसी भी नेता ने भड़काऊ भाषण दिया तो कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को भी हाईकोर्ट ने हालात पर काबू पाने के लिए सेना को अलर्ट पर रखने के लिए कहा था।
आपको बता दें कि गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे गुरमीत राम रहीम सिरसा से करीब 400 गाड़ियों के काफिले के साथ पंचकूला के लिए रवाना हुए थे। लेकिन अदालत के अंदर दो गाड़ियों को ही जाने की अनुमति दी थी। इसके बाद समर्थकों ने उनके काफिले को कैथल में रोक दिया था। यहां से आधे घंटे बाद काफिला रवाना कर दिया गया था। हालांकि भावुक समर्थकों ने रास्ते से हटने से इनकार कर दिया था। बाबा के कुछ निराश समर्थक बेहोश भी हो गए थे।
राज्य के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है। डेरा प्रमुख ने गुरुवार रात पंचकूला में इक्ट्ठा हुए अपने अनुयायियों से अपील की थी कि वे अपने घरों को लौट जाएं। लेकिन बाबा की अपील के बावजूद समर्थक वहां से नहीं हटे। डेरा प्रमुख ने एक वीडियो जारी कर अपने अनुयायियों से कानून का पालन करने के लिए कहा था।
