कोरिया / भ्रस्टाचार को लेकर कोरिया जिले सहित पूरे सम्भाग के इतिहास में कभी एक साथ इतनी बड़ी कार्यवाही नही हुई थी। कलेक्टर कोरिया ने जनपद पंचायत खड़गंवा में पदस्थ एक सहायक प्रोग्रामर, एक तकनीकी सहायक सहित एक साथ 5 कर्मचारियों को पद से बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं।
भ्रस्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों पर जांच के बाद अचानक लिए गए इस फैसले के बारे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक और कलेक्टर कोरिया नरेन्द्र दुग्गा ने बताया कि शासन की जनहितकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में कोई लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। साथ ही शासकीय राशि की हेरफेर करने वाले दोषी अधिकारी कर्मचारियों को कठोरतम अनुशासनात्मक के लिए तैयार रहना होगा। श्री दुग्गा ने कहा कि किसी भी स्तर पर जानबूझकर की गई गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही के लिये हम तैयार बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सुधार की जिम्मेदारी हमारी है। सभी अधिकारी कर्मचारी अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन बिल्कुल ईमानदारी और निष्पक्षता से करें। सभी कर्मचारियों की बरख़ास्तगी के आदेश जारी होने के बाद उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो आगे और भी इसी तरह की कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर कोरिया नरेन्द्र दुग्गा के आदेश के बाद आज जिला पंचायत से इस कार्यवाही के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने सभी के बर्खास्तगी आदेश जारी कर दिए। इस सम्बंध में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति ने बताया कि कलेक्टर कोरिया नरेन्द्र दुग्गा के मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की जनहितकारी योजनाओं का शत प्रतिशत निष्पक्षता से क्रियान्वयन करने के लिए जिले की टीम तैयार है। जब भी कोई गम्भीर अनियमितता पाई जाएगी तो कलेक्टर के निर्देशन में उस पर कड़ा कदम उठाया ही जायेगा। बर्खास्तगी मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पहला मामला ग्राम पंचायत भरदा के सरपंच की जनदर्शन में की गई शिकायत का है। सरपंच ने मनरेगा के तहत खड़गंवा जनपद में कार्यरत एक लेखापाल गोपाल साहू पर दबाव देकर अन्य फर्म को भुगतान कराने का आरोप लगाया था। साथ ही उसने दस्तावेजीकरण में भी कूटरचना करने का काम किया था। जांच में यह शिकायत सही पाए जाने पर उसकी पद से बर्खास्तगी की गई है। इसी प्रकार लिपिक श्री अभिषेक सिन्हा पर एक ही बिल के दो बार इंट्री करने से ग्राम पंचायत बंजारीडांड में मनरेगा शौचालयों की सामग्रियों के भुगतान में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा था। इसी तरह खडगंवा के दो तीन अन्य पंचायतों में भी सामग्री भुगतान ज्यादा किये जाने की बात समाचार पत्रों में आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेकर मामले की जांच कराई और जांच में यह प्रमाणित पाया गया कि सम्बन्धित लिपिकों ने जानबूझकर यह वित्तीय अनियमितता की है। आरोप सही पाए जाने पर मनरेगा शाखा खड़गंवा में कार्यरत लेखापाल श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंह, सहायक ग्रेड 3 श्री अभिषेक सिन्हा को पद से बर्खास्त किया गया है। इन सभी अतिरिक्त भुगतान के मामलों में समय पर संज्ञान लेने और उच्चस्थ को अवगत कराने की जिम्मेदारी एम आई एस का प्रभारी अधिकारी होने के नाते सहायक प्रोग्रामर की होती है। परन्तु वँहा पदस्थ सहायक प्रोग्रामर ने अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही किया। इस आरोप में खड़गवां मनरेगा में पदस्थ सहायक प्रोग्रामर सुश्री विनीता साहू को पद से बर्खास्त किया गया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तूलिका प्रजापति ने आगे बताया की ग्राम पंचायत बड़ेकलुआ में गत वर्ष महात्मा गांधी नरेगा के तहत मिट्टी सड़क और एक नग पुलिया बनाये जाने की स्वीकृति दी गई थी।रोजगार सहायक व निर्माण एजेंसी ने मिलकर गलत जगह पुलिया के निर्माण करा दिया था। इस पर रोजगार सहायक को बर्खास्त करते हुए मामले की जांच प्रारम्भ कराई गई। जांच में यह पाया गया कि पंचायत के तकनीकी सहायक दीपक सिंह की पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही से यह कार्य निष्प्रयोज्य हो गया। पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही का आरोप सिद्ध पाए जाने पर कलेक्टर कोरिया के आदेश पर तकनीकी सहायक दीपक सिंह को बर्खास्त किया गया है। उन्होंने बताया कि बर्खास्तगी आदेश की तामीली के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। श्रीमती तूलिका प्रजापति ने बताया कि कलेक्टर कोरिया नरेन्द्र दुग्गा के आदेशानुसार सभी प्रकरणों में आगे नियमानुसार वसूली और वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी।
