नई दिल्ली /
मंगल ग्रह से जुड़ी रिसर्च में शामिल नासा के एक यान ने लाल ग्रह पर पृथ्वी के समान दिखने वाली मिट्टी खोजी है। नासा के मंगल टोही यान (एमआरओ) ने आज इस ग्रह पर एक ऐसे संभावित स्थान की तस्वीर भेजी जहां बालू के कण बन रहे हैं।
नासा के रिसर्चरों ने बताया कि दक्षिणी उच्चस्थल और उत्तरी निम्नस्थल की सीमा के पास एक गोल आकार के गडडे में काली परतों के अंदर से यह काली वस्तु निकल रही है। नीचे की तरफ झुकी धारियों से ऐसा माना जा रहा है कि ये काला निक्षेपण उसी जगह पर बना है न कि हवा द्वारा कहीं बाहर से लाया गया है।
दरअसल बालू के जिन कणों से धरती और मंगल पर टिब्बा या ढेर बनता है वो अपनी यात्रा के तौर तरीके के लिहाज से बड़े खतरनाक होते हैं। हवा से लाई गई बालू सतह से टकरा कर और इधर-उधर होकर ढेर की शक्ल ले लेता है।
आपको बता दें कि इस समय मंगल पर जो बालू के टीले नजर आते हैं उसके लिए जरूरी है कि जो बालू कण कालातीत में नष्ट हो गए उसके स्थान की फिर से आपूर्ति हो। वैसे मंगल पर बालू के आधुनिक स्रोत का पता नहीं है।
