रायपुर। सतयुग में श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को कंधों पर बैठाकर तीर्थ यात्रा कराई थी। कलयुग में भी ऐसी ही एक भावुक तस्वीर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देखने को मिली।
टिकरापारा स्थित सिद्धार्थ चौक निवासी चन्द्रकुमार साहू ने अपने पिता के निधन और दशगात्र के महज दो दिन बाद सावन के पहले सोमवार पर अपनी मां की मनोकामना पूरी करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर खारुन तट स्थित महादेव घाट से जल लेकर बंजारी माता मंदिर तक की यात्रा शुरू की।
चन्द्रकुमार साहू ने बताया कि यह यात्रा अपनी मां के प्रति सम्मान, सेवा और श्रद्धा का प्रतीक है।
सावन के पावन अवसर पर उन्होंने अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर दर्शन-पूजन कराने का निर्णय लिया। उनकी इस अनूठी सेवा भावना को देखकर रास्ते भर लोगों ने उनकी सराहना की और कई श्रद्धालुओं ने उन्हें आधुनिक दौर का “कलयुग का श्रवण कुमार” बताया।
सावन के पहले सोमवार पर निकली यह भावनात्मक यात्रा लोगों के लिए मातृभक्ति, सेवा और संस्कारों का प्रेरक संदेश बन गई। सावन के दौरान रायपुर के महादेव घाट और प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

