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सरगुजा मे लगातार दूसरे दिन शिक्षा व्यवस्था ठप्प, नींद से जगाने क्रांति जरूरी – हरेंद्र सिंह

अम्बिकापुर / अपने वर्षों पुरानी संविलियन एवं शासकियकरन तथा क्रमोन्नति सहित 9 मांगों को लेकर जिले के समस्त शिक्षाकर्मी लगातार दूसरे दिन भी स्वस्फूर्त शाला बहिस्कार करते हुए हड़ताल मे सम्मिलित रहे।
प्रांतीय सह संचालक हरेन्द्र सिंह एवं सुनील सिंह ने एक स्वर में कहा की शासन हम पर दबाव बनाते हुए हमारी मांगों को नाजायज कह रही है। शासन के मंत्री बयान दे रहे हैं की शिक्षाकर्मियों के द्वारा मांगी जा रही संविलियन की मांग नाजायज है क्योंकि इनकी सेवा शर्तों मे कहीं भी संविलियन करने की बात नही थी और आज इनके द्वारा ब्लैकमेलिंग करते हुए लगातार पढ़ाई व्यवस्था बाधित किया जाता है। हम मंत्री महोदय को याद कराना चाहेंगे जब आपको सत्ता प्राप्त नही हुआ था तब तक आपके मुख्यमंत्री महोदय जो भाजपा के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष थे। उन्होंने हमारे धरना स्थल मे आकर स्वयं हमारी मांग को जायज ठहराते हुए सत्ता मे आने पर एक घण्टे मे हमारी मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया तथा अपने संकल्प पत्र मे स्थान दिया । हम आज जनना चाहते हैं की सत्ता प्राप्ति के बाद हमारी मांग नाजायज कैसे हो गयी। जब तक शासन स्तर पर हमारी मांगों के सम्बन्ध मे सकारात्मक निर्णय नही लिया जाता तब तक पंचायत संवर्ग के शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल मे रहते हुए अपनी आवाज बुलन्द करेंगे।
जिला संचालक मनोज वर्मा, सर्वजीत पाठक एवं राकेश वर्मा ने बताया की आंदोलन के पहले दिन जहां पूरे सरगुजा के शत प्रतिशत शिक्षाकर्मी हड़ताल मे रहे तथा पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था बाधित रहा वहीं दूसरे दिन भी पूरा सरगुजा जिला हड़ताल से प्रभावित रहा तथा अनेक संगठनों के द्वारा शिक्षाकर्मियों के हड़ताल को समर्थन दिया गया । संचालकों ने बताया की शासन प्रशासन हड़ताल के कारण बैकफुट मे है और आने वाले समय मे समस्त शिक्षाकर्मी आक्रोशित हो कर अपने अधिकार की लड़ाई मे एकजुट होकर संघर्ष करते हुए अपनी जायज मांगों के पूरा होते तक अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रखेंगे ।आज के धरना प्रदर्शन में जिले के समस्त शिक्षाकर्मी सम्मिलित रहे।

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