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बाल शोषण की रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग ने उठाया कारगर कदम : बच्चों की मन की बात जानने बाल आयोग द्वारा स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थलों में लगाई जाएगी सुझाव पेटी

** पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर और बिलासपुर से होगी शुरुआत

रायपुर / बाल शोषण की रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग द्वारा कारगर कदम उठाया गया है।

छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे ने आज यहाँ इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बाल्यावस्था से लेकर किशोरावस्था आते-आते बच्चों के मन में उठने वाले ऐसे सवाल जिनका जवाब आसानी से नहीं मिलता एवं घर से स्कूल के मध्य होने वाली कोई अप्रिय घटना जिसे बताने में वे संकोच महसूस करते हों, ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए छ.ग.राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जल्द ही स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थलों में सुझाव पेटी लगाई जायेगी। इस योजना की शुरुआत के लिए राज्य के 2 बड़े शहर रायपुर व बिलासपुर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। जल्दी दी इन दोनों शहरों के प्रमुख स्थलों, सार्वजनिक स्थलों एवं स्कूलों का स्थल चयन कर इस महत्वपूर्ण योजना की शुरूआत की जायेगी।

श्रीमती दुबे ने बताया कि सुझाव पेटी पूरी तरह गोपनीय होगी, जिसमें बच्चे अपने मन की बात एक चिट्ठी के माध्यम से आसानी से रख सकें। आयोग द्वारा समय-समय पर पेटी खोलकर, प्राप्त सुझाव/शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्यवाही की जायेगी।

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