रायपुर। महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी ने दावा किया है कि दुबई से लाए गए करीब 666 करोड़ रुपये को देश की 13 कंपनियों के शेयरों में निवेश किया गया था। ED ने कार्रवाई करते हुए इन शेयरों को जब्त कर लिया है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने हवाला के जरिए विदेश से धन लाकर उसे शेयर बाजार में निवेश किया। ED का आरोप है कि इस रकम को वैध दिखाने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का स्वरूप दिया गया और विभिन्न कंपनियों के शेयर खरीदे गए।
मामले में आरोपियों ने अदालत से जब्त किए गए शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति मांगी थी। उनका तर्क था कि बाजार में लगातार गिरावट के कारण शेयरों का मूल्य कम हो रहा है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और शेयरों की खरीद-बिक्री की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
ED का मानना है कि महादेव सट्टा ऐप के जरिए अर्जित कथित अवैध धन को शेयर बाजार के माध्यम से वैध बनाने की कोशिश की गई। एजेंसी अब उन कंपनियों और निवेश के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, जिनके जरिए यह रकम लगाई गई थी।
महादेव सट्टा ऐप मामले को देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक माना जा रहा है। ED की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
