गृहमंत्री के लिखित जवाब में खुलासा—रायपुर में सबसे ज्यादा 634 अपहरण, कई जिलों में हत्या के मामलों में कमी, लूट में मिला-जुला रुख
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गृहमंत्री के लिखित उत्तर में प्रदेश के अपराधों के ताजा आंकड़े सामने आए हैं। 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 की अवधि के दौरान अपहरण के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं हत्या के मामलों में कुछ जिलों में कमी आई है, जबकि लूट के मामलों में अलग-अलग जिलों में मिश्रित स्थिति देखने को मिली है।
गृह विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायपुर में अपहरण के सबसे अधिक 634 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 524 मामलों से 110 अधिक हैं। बिलासपुर में अपहरण के मामले 331 से बढ़कर 438, दुर्ग में 229 से 365, बलौदाबाजार में 202 से 263 और रायगढ़ में 111 से बढ़कर 197 हो गए। विधानसभा में प्रस्तुत इन आंकड़ों ने प्रदेश में बढ़ते अपहरण के मामलों पर चिंता बढ़ा दी है।
हत्या के मामलों में रायपुर में 85 से घटकर 84, बिलासपुर में 59 से 50, कोरबा में 51 से 46 और जशपुर में 65 से 49 मामले दर्ज हुए। हालांकि दुर्ग में हत्या के मामले 53 से बढ़कर 60 और बलौदाबाजार में 27 से बढ़कर 40 हो गए।
लूट के मामलों में भी अलग-अलग तस्वीर सामने आई है। रायपुर में लूट के मामले 66 से घटकर 64 रहे, जबकि बलौदाबाजार में 15 से बढ़कर 35, बिलासपुर में 31 से 34 और महासमुंद में 12 से 19 मामले दर्ज किए गए।
गृहमंत्री के लिखित उत्तर में यह भी बताया गया कि हिरासत में मौत के मामलों में कमी आई है। पिछले कार्यकाल में कोरबा और धमतरी में एक-एक हिरासत में मौत का मामला दर्ज हुआ था, जबकि वर्तमान अवधि में अधिकांश जिलों में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया।
