अपनी ही सरकार पर हमलावर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष
रायपुर, 24 जुलाई | छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा है। पार्टी का युवा चेहरा और भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत खुद अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावती मोर्चा खोल चुके हैं।
रवि भगत ने जिला खनिज न्यास (DMF) और CSR फंड को लेकर सरकार पर सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से वित्त मंत्री ओपी चौधरी को आड़े हाथों लेते हुए फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लगातार छह तीखे पोस्ट कर दिए।
इतना ही नहीं, उन्होंने एक व्यंग्यात्मक गीत गाकर वीडियो भी सोशल मीडिया में साझा किया, जिसमें “नीति कुछ भी बने, ताकतवर अपनी चलाएगा” जैसे जुमलों के जरिए सरकार के भीतर वर्ग विशेष को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया।
पोस्ट की पंक्तियां बनीं चर्चा का केंद्र
“समुद्र के हकदार बूंद-बूंद से संतुष्ट हैं…”
“DMF पर नीति की बातें मत कीजिए साहब, न्याय दीजिए…”
इन पंक्तियों ने भाजपाई गलियारों में खलबली मचा दी है। भाजपा और भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर ही रवि भगत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, कई नेताओं ने पोस्ट पर नाराजगी जताई और कमेंट बॉक्स में ही विरोध दर्ज किया।
रवि भगत के निशाने पर कौन?
- रायगढ़ जिले में DMF फंड खर्च की अनदेखी।
- तमनार और घरघोड़ा जैसे आदिवासी इलाकों को फंड आवंटन में प्राथमिकता नहीं मिलने का आरोप।
- रवि भगत ने पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र लिखा, जवाब नहीं मिला तो सोशल मीडिया पर सीधा हमला बोला।
सियासी मायने क्या हैं?
- भाजपा की सरकार बनने के 6 महीने के भीतर संगठन बनाम सरकार का पहला बड़ा टकराव।
- रवि भगत की नाराजगी, आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा को लेकर एक वर्गीय सत्ता-संचालन का संकेत देती है।
- ये बगावत सिर्फ फंड को लेकर नहीं, राजनीतिक वंचना की एक गहरी पीड़ा का इजहार मानी जा रही है।
अब क्या होगा?
- क्या भाजपा इस मुद्दे को आंतरिक मंचों पर सुलझाएगी या इसे खुला छोड़ देगी?
- क्या रवि भगत पर संगठनात्मक कार्रवाई होगी या सरकार को झुकना पड़ेगा?
