कोरिया / हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस श्री टी.बी.राधाकृष्णन आज अपने कोरिया प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय स्थित कोरिया पैलेस और रामानुज प्रताप सागर (झुमका जलाशय) का भ्रमण किया।
इस अवसर पर उन्होने भ्रमण उपरांत पूर्व वित्त मंत्री डॉ रामचंद्र सिंह देव से कोरिया पैलेस के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होने कोरिया पैलेस और रामानुज प्रताप सागर को कोरिया जिले का ऐतिहासिक धरोहर बताया।

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस श्री टी.बी.राधाकृष्णन अपनी धर्मपत्नि श्रीमती मीरा राधाकृष्णन के साथ प्रवास पर कोरिया पहुंचे है। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायधीश श्री विजय कुमार एक्का, जिले के कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा, पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, सुश्री राधिका सैनी भी उपस्थित थे।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस श्री टी.बी.राधाकृष्णन ने झुमका जलाशय में नाव से रामानुज प्रताप सागर का भ्रमण किया और वहां संचालित केच कल्चर का भी अवलोकन किया। केच कल्चर के तहत मछली पालन का कार्य पिंजरे में की जा रही है। मछली पालन की इस आधुनिक तकनीक को केच (पिंजरा) कहा जाता है। मछली उत्पादन को बढावा देने के लिए केच कल्चर को बढावा दी गई है। केच कल्चर में पिंजरानुमा संरचना में मछली पालन का कार्य किया जाता है। जिसमें पिंजरे के अंदर लगे जाल के कारण जहां मछली बीज को बडी मछलियां व अन्य परभक्षी नहीं खा पाते हैं, वहीं मछलियों को पूरक आहार व अन्य दवाईयां आदि देने में आसानी होती है।
