अंबिकापुर / बलरामपुर जिले के कुसमी में पिछले साल दसवीं की पूरक परीक्षा में सामूहिक नकल के मामले में सरकार ने बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारी आईपी गुप्ता समेत पांच लोगों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें केंद्राध्यक्ष माणिकचंद गुप्ता, पर्यवेक्षक उमेश कुमार शामिल हैं। एक शिक्षाकर्मी को निलंबित करने के लिए शिक्षा विभाग ने जिला पंचायत सीईओ को लिखा है।
जानकारी के मुताबिक 2017 में दसवीं की पूरक परीक्षा के उत्तर पुस्तिका की जांच चल रही थी। इसमें खुलासा हुआ कि सभी विद्यार्थियों ने एक जैसा उत्तर लिखा था। इसकी जांच के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने जिला शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा था। जिला शिक्षा अधिकारी ने जो जवाब दिया था, वह संतोषजनक नहीं था। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। यह पहला मौका है, जब नकल के मामले में किसी जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। इस कार्रवाई से केंद्राध्यक्षों व शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है।
आपको बता दें कि मामले की जांच लंबे समय से चल रही थी। इसे लेकर जांच को दबाने के आरोप लग रहे थे। हालांकि इस तरह के आरोपों के बाद आखिरकार कार्रवाई की गई है।