** प्रभारी पी.एल. पुनिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव सहित कांग्रेस वरिष्ठ नेता मौजूद
रायपुर / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि मंडल ने 11 बजे दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर राज्यसभा चुनाव को लेकर और 11 संसदीय सचिवों सहित लाभ के पदों पर विराजमान भाजपा के 18 विधायकों को बर्खास्त करने के लिये ज्ञापन सौंपा। दिल्ली की ही तरह छत्तीसगढ़ में भी कार्यवाही की मांग की गयी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव, कार्यकारी अध्यक्ष शिवकुमार डहरिया, रामदयाल उईके, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता कवासी लखमा, पूर्व मंत्री एवं विधायक सत्यनारायण शर्मा, सांसद ताम्रध्वज साहू, राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा, कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार लेखराम साहू, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, विधायक अमरजीत भगत, मोहन मरकाम, संतकुमार नेताम, चुन्नी लाल साहू, बृहस्पति सिंह, पूर्व विधायक रमेश वल्र्यानी, मंहत रामसुंदर दास, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गिरीश देवांगन, संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, महामंत्री राजेश तिवारी, चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, सन्नी अग्रवाल, चौलेश्वर चंद्रकार, प्रकाश नायक सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद थे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने भारत निर्वाचन आयोग में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा राज्यसभा चुनाव एवं संसदीय सचिवो की बर्खास्तगी को लेकर जानकारी उपलब्ध कराते हुये कहा कि संसदीय सचिवो और राजनैतिक स्वार्थ के लिये लाभ के पद पर नियुक्तियों से रमन सिंह संवैधानिक मर्यादाओं को छिन्न-भिन्न करने में लगे है। नानघोटाले, धानघोटाले, खदान घोटाले में सलिप्त मुख्यमंत्री रमन सिंह, मंत्री अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर, रामसैवक पैकरा, केदार कश्यप, जैसे मंत्रियो के लगातार बचाव करने और भ्रष्टाचार के पोषण के साथ साथ राजनैतिक विरोधियो का सामूहिक नरसंहार जैसे आरोपो से घिरे रमन सिंह की छबि बेहद दागदार हो चुकी है। अब छत्तीसगढ़ की जनता यह मोलतोल की राजनीति और अधिक बर्दाशत करने वाली नहीं।
