कोरिया / खड़गवां – कोयलांचल नगरी चिरमिरी से महज़ 6 किलोमीटर की दुरी पर स्थित खड़गवां ब्लाक के ग्राम कदरेवा के पहाड़ो की खोह पर बसे माँ भंडारिनदाई मंदिर में विगत कई वर्षों से चैत्र नवरात्र के 2 दिन पहले ही पुजा-अर्चना शुरू कर दी जाती है। जो नवमी के 2 दिन पहले समाप्त भी हो जाती है।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण रामसुन्दर ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण सन 2003-04 में किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने से कुछ न कुछ गाँव में अनिष्ट घटना घट जाती है व कदरेवा से लगे ग्राम आमाडांड, भण्डारदेई, कलुआ, भुकभुकी के साथ दूर-दराज से भी अष्टमी के दिन श्रदालुओ की भीड़ उमड़ पड़ती है। यह परंपरा विगत 40 वर्षों से लगातार चलती आ रही है। साथ ही सच्चे मन से भक्त अपनी मनोकामना माँगते है। जो अवश्य ही पूरी होती है। साथ ही पूरे दिन भजन-कीर्तन के साथ पूजा-पाठ किया जाता है।
इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष श्याम सुन्दर सिंह, सचिव रामकुमार लहरे, उपाध्यक्ष नर्मदा लहरे, सहसचिव गोविन्द दास कुर्रे, कोषाध्यक्ष उमेन्द्र सिंह उर्रे, अमर सिंह पोया, हितराम, गुलाब सिंह उर्रे, बाबूलाल लहरे, गरुण सिंह, पुरण सिंह, कृपाल सिंह, गुलाब सिंह, व अन्य लोगो की भूमिका रहती है।।
