रायपुर / जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आरक्षण के विरोध में भारत बंद के आव्हान को गैरवाजिब करार देते हुए कहा है कि आरक्षण का विरोध करने वाले तत्व एवं संगठनो ने भारत बंद का आयोजन कर देश के संविधान में प्रदत्त अधिकारो का हनन किया है तथा इस प्रकार संविधान का विरोध कर आरक्षण विरोधी दल एवं संगठन देशद्रोह की श्रेणी में आ गये है।
केन्द्र सरकार को इस आयोजन की अनुमति देने पर विरोध दर्ज करने वालो पर कड़ी कार्यवाई करने के निर्देश सभी संबंधित प्रदेशो के ला एण्ड आर्डर से संबंधित अधिकारीयों को देना चाहिये था। भारत बंद के आयोजन पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं संघ प्रमुख मोहन भागवत खामोश है उन्हे इस बंद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करना चाहिये तथा आरक्षित वर्ग को आश्वस्त किया जाना चाहिये कि संविधान में प्रदत्त आरक्षण यथावत रहेगा। परन्तु इस विषय पर चुप्पी शंका की परिधी में स्वंय आ गई है। आरक्षण का विरोध देश के सेकुलर संविधान का विरोध है जो गैरवाजिब है तथा संविधान की मूल भावना के विपरीत है। इस बंद के माध्यम से कुछ विघ्नसंतोषी अलगाववादी तत्व आरक्षित वर्ग को उदवेलित एवं उत्तेजित कर देश के सौहाद्र को दूषित करने के षडयंत्र में सलिप्त है।
श्री जोगी ने देश के सभी वर्गो से इस अवसर पर शांति एवं सौहाद्र बनाये रखने की अपील की है तथा कहा हैै कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुददे् पर भारत बंद का आयोजन नही किया जाना चाहिये था।
