श्री जोगी ने अपने सभी शुभचिंतकों को उनकी शुभकामनाओं के लिए विशेष रूप से ये कहकर धन्यवाद दिया है कि-
“पहाड़ों का सफ़र है, शीशे का बदन है;
ठीक हो रहा हूँ, आपकी दुआओं का असर है।”
रायपुर / जेसीसीजे सुप्रीमो अजीत जोगी के निधन की झूठी खबर फैलाने के मामले में आक्रोशित जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने थाने पहुंचकर अफवाह फैलाने वाले मिस्टर ए नाम के शख्स के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बीती रात मिस्टर ए नाम के शख्स ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष के निधन हो जाने की झूठी खबर वाट्सअप ग्रुप पर शेयर किया था। ग्रुप के लोगों ने इसे और कई अन्य ग्रुपों में फारवर्ड कर दिया। इस वायरल मैसेज से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। मामले को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
जहां उनका उपचार डॉ त्रेहन की टीम कर रही है। फिलहाल जोगी की तबीयत स्थिर है, वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया है।

इस दौरान लगातार मेडिकल बुलेटिन जारी कर डॉक्टर अजीत जोगी के तबियत का हाल भी बया कर रहे है बताया जा रहा है की वेंटिलेटर-सपोर्ट से हटा दिया गया है। वे पूरी तरह से, बिना किसी इन्वेसिव सहायता के, ख़ुद से साँस ले रहे हैं। उनका ब्लड प्रेशर, हॉर्ट रेट, ऑक्सिजन सैचुरेशन, रेस्प्रिटॉरी रेट, यूरिन आउट्पुट इत्यादि सभी शारीरिक प्रक्रियाँ पूरी तरह से नोर्मल (सामान्य) हैं। श्री जोगी अब अधिकृत रूप से “संक्रमण-मुक्त” हैं। डॉक्टर नरेश त्रेहन और डॉक्टर यतिन मेहता के चिकित्सीय दल ने श्री अजीत जोगी को विगत दो महीनों से हो रहे संक्रमण का “प्राथमिक कारण” (प्राइमरी सोर्स) का चिन्हांकन करके उसका उपचार भी प्रारम्भ कर दिया है। इस से भविष्य में संक्रमण की सम्भावनाओं पर रोक लग सकेगी। श्री अजीत जोगी का इलाज कर रहे चिकित्सीय दल ने संक्रमण की सभी सम्भावनाओं पर विराम लगाने और सूक्ष्मता से चिकित्सीय निगरानी बनाए रखने के उद्देश से उनको ICU के “नेगेटिव प्रेशर रूम” में एकांत में रखने का निर्णय लिया है। अतः अगले कुछ दिनों तक वे किसी से मिल नहीं सकेंगे। वेंटिलेटर से हटने के बाद श्री जोगी से उनकी धर्मपत्नी डॉक्टर रेणु जोगी, उनके पुत्र अमित जोगी और पुत्र-वधु डॉक्टर ऋचा जोगी ने मुलाक़ात करी। श्री जोगी ने अपने सभी शुभचिंतकों को उनकी शुभकामनाओं के लिए विशेष रूप से ये कहकर धन्यवाद दिया है कि-
“पहाड़ों का सफ़र है, शीशे का बदन है;
ठीक हो रहा हूँ, आपकी दुआओं का असर है।”
