Advertisement Carousel

इंसानो के अस्पताल पर पशु अस्पताल खोल दिया गया, इंसान फिर हो रहे परेशान

00 नगर पंचायत जरही का मामला, नगरवासी अस्पताल खुलने के आस लगाए बैठे है
सूरजपुर / जिले मे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक उदासीनता आम बात है। लेकिन मनमानी का नजारा नगर पंचायत जरही मे आसानी से देखा जा सकता है। जहां लाखो कि लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण कराया गया था और पांच साल तक भवन निर्माण होने के बाद भी ना ही चिकित्सक पहुंचे और ना ही कोई स्वास्थ्य कर्मी। जिस वजह से अब इंसानो के अस्पताल वाले भवन मे पशु अस्पताल का उदघाटन कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग मुक दर्शक बनकर देखते रह गया।

आपको बता दे की नगर पंचायत जरही क्षेत्र के पांच किलोमिटर कि दुरी तक कोई भी चिकित्सीय व्यवस्था नही है। जिसके लिए रहवासीयो को चिकित्सा व्यवस्था हेतु दुसरे क्षेत्रो मे जाना पङता है। ऐसा नही है कि क्षेत्र मे अस्पताल कि भवन नही है। अस्पताल के दो – दो भवन मौजुद है इसके वावजुद चिकित्सीय सुविधा मौजुद नही है। वही पांच साल पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री डा रमन सिंह जरही पहुंचे थे। जहां उन्होने नगर पंचायत जरही मे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाने कि घोषणा की, जिसके बाद अस्पताल भवन का निर्माण तो हो गया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कोई भी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मीयो कि पदस्थापना अब तक नही हुई और नगरवासी अस्पताल खुलने के आस लगाए बैठे रहे।

लेकिन पिछले 3 अक्टुबर को प्रदेश के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने इंसानो के अस्पताल मे पशु चिकित्सालय का उदघाटन कर दिए और अस्पताल कि आस लगाए नगरवासी फिर एक बार चिकित्सीय सुविधा से वंचित हो गए। इन सब बातों के बिच एक और मजेदार बात यह है की आज भी पशु अस्पताल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ही लिखा हुआ है।

अब ऐसे में सवाल यह उठता है की जहां स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए विभाग हर कदम तत्पर रहने का दावा करता है। ऐसे मे पांच साल तक स्वास्थ्य विभाग जरही के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन मे चिकित्सीय व्यवस्था नही बना पाया।

वही जिले के सी.एम.एच.ओ ने इंसानो के अस्पताल पर पशु अस्पताल खोलने के सवाल पर बताया कि पशु विभाग द्वारा जबरन पशु चिकित्सालय खोल दिया गया। यह भवन किस विभाग से बनाया गया उसकी जानकारी मुझे नही है और ना ही स्वास्थ्य विभाग को भवन बनने के बाद हैंड ओवर किया गया है।

error: Content is protected !!