दिल्ली / कैबिनेट की बैठक में देश के किसानों के हित में फैसला लेते हुए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोत्तरी करते हुए इसे डेढ़ गुना किया गया, फसलों का उचित दाम नहीं मिलने से परेशान किसानों को मोदी सरकार बड़ा तोहफा दिया है। इससे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों का इसका फायदा होगा।
इससे पहले सरकार कहती रही है कि वह किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने पर काम कर रही है और प्रतिवर्ष सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने हर साल धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया है। नीति आयोग ने कुछ दिन पहले ही कहा कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य का नया फार्मूला बन रहा है और आज इस बारे में आखिरकार कैबिनेट में महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया गया।
सरकार ने खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का नया फार्मूला A2+FL तैयार किया है जिसे आज कैबिनेट की बैठक में मंज़ूरी दे दी गई।
मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से हर साल धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया है। पहले दो साल पचास रुपये, तीसरे साल साठ रुपये, पिछले साल 80 रुपये और इस साल डेढ़ गुना तक बढ़ाया गया है।
दरअसल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को फसल वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) की खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में उत्पादन लागत पर 50 फीसदी लाभ के साथ वृद्धि की घोषणा की। मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, ‘सरकार ने किसानों को उनकी फसलों की लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देने का ऐतिहासिक फैसला किया है, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।’
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा बुधवार को लिए गए फैसले के अनुसार, फसल वर्ष 2018-19 में सामान्य ग्रेड के धान का एमएसपी 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1750 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है और सामान्य ग्रेड-ए धान का एमएसपी 1590 रुपये से बढ़ाकर 1770 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। वहीं हाइब्रिड धान का एमएसपी 1700 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2430 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
