अंतागढ़-रायपुर पैसेंजर में क्षमता से अधिक भीड़, कई बार मांग के बावजूद नहीं बढ़ाई गई बोगियां
बालोद। रेल परियोजना के तहत ताड़ोकी तक रेल सेवा का विस्तार बस्तर अंचल के लिए राहत और विकास का प्रतीक माना जा रहा है, लेकिन बालोद जिले के यात्रियों के लिए यह सुविधा अब परेशानी का कारण बनती जा रही है। अंतागढ़ से बालोद होते हुए रायपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बोगियों की भारी कमी के चलते यात्रियों को रोजाना जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसने रेलवे की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि दल्लीराजहरा पहुंचने से पहले ही ट्रेन यात्रियों से पूरी तरह भर चुकी है। स्थिति यह है कि दर्जनों लोग ट्रेन के दरवाजों पर लटककर यात्रा कर रहे हैं, जबकि बोगियों के भीतर यात्रियों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस दिया गया है।
यात्रियों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। लंबे समय से ट्रेन में बोगियों की संख्या कम होने के कारण उन्हें इसी तरह जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। जरा सी चूक या हादसे की स्थिति में बड़ा नुकसान हो सकता है।
इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्रीय सांसद, रेलवे के डीआरएम और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों तथा नागरिकों द्वारा कई बार ज्ञापन सौंपकर बोगियों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार मांग और शिकायतों के बावजूद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। परिणामस्वरूप रोजाना सैकड़ों यात्रियों को असुरक्षित परिस्थितियों में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
