बीजापुर / जिले में समस्त आश्रम छात्रावास तथा पोटोकेबिन में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य से लेकर और आश्रमों की साफ सफाई बेहतर रखने को लेकर जिला प्रशासन आश्रम तथा छत्रावास पोटाकेबिन प्रबंधको को शक्त हिदायत दी गई।

इसके बाद भी आश्रम अधीक्षकों के कान में जूं नही रेंग रही, ऐसा ही एक मामला बीजापुर जिले के विकास खण्ड भैरमगढ के ग्राम बरदेला में संचालित पिटेतुंगाली बालक आश्रम में अध्ययनरत पहली कक्षा का छात्र रहीम अवलम पिता सुदरु ग्राम गदामली को बिना माता पिता आए, अकेले छात्र रहीम को अधीक्षक बुच्चाराव कोड़े ने रक्षा बंधन की छुट्टी दे दी। और घर जाने के बाद 29 / 8/2018 को छात्र की मृत्यु हो गई। परंतु सोचने वाली बात यह है कि छात्र रहीम के मौत की जानकारी अधीक्षक को 1 /09 /2018 को मिल गई, लेकिन संबंधित अधिकारियों को छात्र की मौत का सूचना देना जरुरी नहीं समझा। जबकि गदामली गांव से बालक आश्रम में पढाई करने वाले छात्रों से मिलने व सेहत का अवलोकन करने पहुंचे अभिभावक के जारिये पिठ्ठेतुंगाली बालक आश्रम के प्रबंधक बुच्चाराव कोडे को शुक्रवार दिनांक 1 / 09 / 2018/ छात्र रहिम का मौत होने की सूचना मिलने के बाद भी अधीक्षक के द्वारा छात्र के मौत के गम में तीन दिन से रोते बिलखते पीड़ित मां बाप से मिलने व अपने ही आश्रम में पढ़ाई करने वाले छात्र की संबंध में जानकारी लेना मुनासिब नही समझा। मामले को लेकर अधीक्षक से पुछने पर बताया की मैं बीते तीन दिन से आश्रम छोडकर अपने किसानी काम में मशगुल होना बताया गया। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता हैं किस प्रकार की लापरवाही से मासूम बीमार छात्र की मौत हुई होगी। छात्रों ने यह भी कहा कि छात्र रहीम बुखार से पीड़ित था पढ़ाई के दौरान क्लास में ही सो जाता था तो कभी धूप में सो जाता था लेकिन अधीक्षक उसका इलाज नहीं कराया और आज भी ऐसा एक छात्र है अस्वच्छता के कारण होने वाली बीमारी खुजली से परेशान हैं। उसके लिए अधीक्षक स्वयं दवाई देता है लेकिन अस्पताल ले जाकर डाक्टर को दिखाना जरूरी नहीं समझते। अध्ययनरत छात्रों ने एक स्वर में मीडिया कर्मियों से कहा कि भोजन व्यवस्था से लेकर तेल साबुन तक उन्हें उचित समय पर नहीं दिया जाता जिसकी शिकायत कलेक्ट्रेट तक पहुंच तों गई लेकिन कार्यवाही नही होने से अधीक्षक के हौसले और बुलंद हो गई परिणाम यह हुआ कि जो छात्र आगे आकर अपने अधिकार के लिए अधिकारियों को अपने साथ होने वाले अन्याय को अवगत कराने पहुंचे छात्रों की टी सी काटकर भगा दिया गया था लेकिन फिर छात्रों के द्वारा माफी मांगने तथा दुबारा शिकायत न करने की शर्त पर एडमिशन दिया गया। छात्रों ने यह भी कहा कि अधीक्षक रात में कभी नही ठहरते और चपरासी भी नहीं रहते भगवान भरोसे छोड़कर अधीक्षक नदारद रहते हैं। छात्र की मौत की सूचना की जानकारी जब फोन पर मंडल संयोजक जे आर सोरी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें आज तक ऐसी कोई जानकारी अधीक्षक के द्वारा नही दी गई है। इस संबंध में सहायक आयुक्त डी आर भगत ने भी कहा कि छात्र के मौत की सूचना की जानकारी अब तक नहीं दी गई है इससे स्पष्ट है कि अधीक्षक की घोर लापरवाही से बीमार मासूम छात्र की मौत हो चुकी है।
