पंजाब / भारत सरकार ने गुरुनानक जयंती से एक दिन पहले करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण का एलान किया था, जिस पर पाकिस्तान ने भी तुरंत हामी भरी. जो बताता है कि संबंधों में सुधार की इच्छा दोनों तरफ कायम है. हालांकि इसके लिए वह पिछले करीब 2 दशकों से इनकार करता आ रहा था. भारत में जहां इसकी आधारशिला सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने गुरदासपुर में रखी, वहीं पाकिस्तान में 28 नवंबर को इसकी आधारशिला रखी जाएगी. आम लोगों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की सोच भारत-पाकिस्तान के ठंडे पड़ते रिश्तों में एक नई गरमाहट ला सकती है.
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पंजाब में डेराबाबा नानक के गांव मान में करतारपुर साहिब गलियारे की आधारशिला रखी. करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान की सीमा से तीन-चार किमी की दूरी पर रावी नदी के तट पर स्थित है और इस रास्ते के जरिए सिख श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब जाना आसान हो जाएगा. उपराष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि गलियारा दोनों देशों के बीच पुराने दरार को भरते हुए भाईचारे के संबंधों की मजबूती का गवाह बनेगा.
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये कार्यक्रम सद्भावना, शांति व पड़ोसी के साथ मिलकर काम करने की इच्छा शक्ति का संदेश देता है. नायडू ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या मजहब नहीं होता. यह आज के समय की वैश्विक समस्या बन चुका है. इसके समाधान के लिए भी हमें वैश्विक स्तर पर ही एकजुटता के साथ प्रयास करने होंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की तरक्की के लिए शांति और अमन-चैन जरूरी है. उपराषट्रपति ने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है लेकिन अगर किसी ने पहल करके हमला किया तो भारत ने उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है.
शुक्रवार को एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बर्लिन की दीवार के गिरने का हवाला देते हुए कहा था कि यह गलियारा बेहतर भविष्य की ओर जाएगा.
दरअसल पंजाब ही नहीं दुनियाभर में बसे करोड़ों सिख लंबे समय से इस गलियारे के बनने का इंतजार कर रहे थे. अगले साल सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती है. इसी के तहत पिछले हफ्ते 22 नवंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करतारपुर गलियारे के निर्माण का फैसला लिया था. गलियारे का निर्माण गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक किया जाएगा.
करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब में नरोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है और गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 वर्ष यहां बिताए थे. करतारपुर गलियारे का कार्य सरकार की सहायता से एक संयुक्त विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा, ताकि सभी आधुनिक सुविधाओं वाले इस मार्ग से तीर्थ यात्री आसानी से आ-जा सकें. सरकार तीर्थयात्रियों की आसानी के लिए तमाम जरूरी सुविधाएं देगी.
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक गलियारे का निर्माण कार्य चार महीने के भीतर पूरा हो जाएगा. कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, हरदीप सिंह पुरी और विजय सांपला भी मौजूद थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान की ओर करतारपुर गलियारे के निर्माण के लिए भूमि-पूजन कार्यक्रम का उद्घाटन 28 नवंबर को करेंगे. भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, हरदीप सिंह पुरी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. लोगों को उम्मीद है कि ये गलियारा न केवल दोनों देशों को जोड़ेगा बल्कि नफरत को कम करके दोनों देशों में आवाजाही को बढ़ाएगा.
