लगभग 1 वर्ष पूर्व गांव में ही जनरल स्टोर खोलने के नाम पर विभाग से लोन के लिए कामू बैगा ने आवेदन लगाया था। इसमें से 2 लाख रूपए स्वीकृत हुए। इसमें से 1 लाख रूपए मिलते ही क्षेत्राधिकारी दीपक नामदेव उसे उच्चाधिकारी को देने के नाम पर 50 हजार की मांग करने लगा। उसने इतने नहीं दे पाने में अपनी अक्षमता जाहिर की, लेकिन दीपक ने लगातार दबाव बनाते हुए 20 हजार रूपए देने कहा।
क्षेत्राधिकारी दीपक नामदेव द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने पर पीड़ित कामू बैगा परेशान होकर एसीबी रायपुर को शिकायत की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से 12 सदस्यीय टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अंत्यवसायी कार्यालय में दबिश देकर नामदेव को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
