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जब भाजपा ने 2014 में किए हुए वादे पूरे नहीं किए तो 2019 में जनता उस पर क्यों विश्वास करे – प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

रायपुर / छत्तीसगढ़ के राजनीतिक विश्लेषण व समाज सेवी प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं वरिष्ठ नेतृत्व से मीडिया के माध्यम से एक प्रश्न किया है कि जब भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में किए हुए वादों को अभी तक पूरा नहीं कर पाया तो फिर वह 2019 के आम चुनाव में किन मुद्दों के साथ जनता के बीच जाएगी और जनता उन्हें क्यों वोट दें? जबकि पिछले वाले ही अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं।

ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने पिछले 15 साल की रमन सिंह की भाजपा सरकार को मात्र 15 सीटों में समेट दिया है अब देखने वाली बात यह है कि आज की जागरूक जनता क्या झूठे वादों और जुमलों के बहकावे में आकर वोट देती है या अपना भविष्य सूचित करते हुए अपने भविष्य के लिए सही व्यक्ति और पार्टी को चुनती है। यह एक मूल प्रश्न है और आज सभी को यह जानने की जरूरत है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट से भी 2014 लोकसभा के घोषणापत्र को हटा दिया गया है अब इसका क्या कारण है यह जनता भली-भांति समझती है। आज के परिदृश्य में कहीं ना कहीं राजनीति, मुद्दों से भटक गई है क्योंकि आज का मुद्दा विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, काला धन होना चाहिए नाकि केवल और केवल श्रेय लेने की कोशिश होनी चाहिए और मुख्य मुद्दों से जनता को भटकाने का प्रयास करना चाहिए। यह बहुत दुखद है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में सत्ता में आने पर देश में तेज़ गति की बुलेट ट्रेनें शुरू करने, 100 नए आधुनिक शहरों की स्थापना तथा माल परिवहन और औद्योगिक परिवहन गलियारों का निर्माण कार्य तेज़ करने का वादा किया था, ताकि बुनियादी ढांचे में सुधार हो और रोज़गार के अवसर बढ़ें।

भारतीय जनता पार्टी की 2014 की मुख्य घोषणाएँ इस प्रकार थीं –

1. मूल्‍य वृद्धि रोकने का प्रयास : कालाबाज़ारी और जमाखोरी के मामलों के लिए विशेष अदालतें बनाई जाएंगी, जिसके माध्‍यम से मूल्‍य वृद्धि को कम करने का प्रयास किया जाएगा। राष्‍ट्रीय स्‍तर का कृषि बाज़ार निर्मित किया जाएगा। मूल्‍यवृद्धि को रोकने के लिए विशेष फंड्स के माध्‍यम से लोक-सहायतार्थ कार्य किए जाएंगे।

2. केंद्र और राज्‍य सरकारों के मध्‍य संबंधों का विकास : सरकार की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्र और राज्‍य सरकारों में उचित समन्वय स्थापित करने का प्रयास।

3. शासकीय तंत्र का विकेंद्रीकरण : शासकीय क्षेत्रों में पीपीपीपी यानि पीपल पब्‍लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्रों में आम जनता का क्षेत्राधिकार निश्‍चित करना।

4. ई-गर्वनेंस : देश के दूरस्‍थ क्षेत्रों तक ब्रॉडबैंड कनेक्‍शन की पहुँच और आईटी क्षेत्र में रोज़गार के अवसर पैदा करना। ”ई-ग्राम, विश्‍व ग्राम” योजना के माध्‍यम से समस्‍त शासकीय कार्यालयों को इंटरनेट से जोड़ना।

5. न्‍याय-व्‍यवस्‍था का सशक्‍तीकरण : न्‍याय-व्‍यवस्‍था के सभी स्‍तरों में फास्‍ट ट्रेक कोर्ट स्‍थापित करना, न्‍यायालयों में नए न्‍यायाधीशों की बहाली कर न्‍याय-व्‍यवस्‍था की गति को तीव्र करना। वैकल्‍पिक न्‍याय व्‍यवस्‍था जैसे समझौता केंद्र, लोक अदालत आदि को सुव्‍यवस्‍थि‍त करना।

6. अमीर-गरीब के मध्‍य अंतर को कम करना : देश में 100 सर्वाधिक गरीब जिलों की पहचान कर वहाँ के लोगों के एकीकृत विकास के लिए कार्य करना। निर्धन क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों की पहचान कर स्‍थानीय लोगों को रोज़गार के अवसर मुहैया कराना।

7. शिक्षा के स्‍तर का विकास : ”सर्व शिक्षा अभियान” को सशक्‍त करना. ई-लाइब्रेरियों की स्‍थापना करना। युवाओं के लिए ‘अर्न व्‍हाइल लर्न’ पर आधारित कार्यक्रमों को ज़मीनी स्‍तर पर कार्यन्‍वियत करना।

8. कौशल विकास : देश के लोगों के कौशल की पहचान कर उन्‍हें कौशल के विकास का कार्य करना और ”नेशनल मल्‍टी स्‍किल मिशन” के तहत रोज़गार के अवसरों को बढ़ाना।

9. कर नीति : हित-कर और उपयुक्‍त कर नीति स्‍थापित करना। करों के संचित शासकीय धनराशि का उपयोग सूचना तकनीकी हेतु सर्वाधिक करना।

10. जल संसाधनों का संवर्धन : आगामी समय में जल के संसाधनों का अधिकाधिक संवर्धन और संरक्षण। ”प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना” के माध्‍यम से सभी खेतों को पानी पहुँचाने की व्‍यवस्‍था करना। पीने के जल को हर घर तक पहुँचाने की व्‍यवस्‍था करना।

11. बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएँ उपलब्‍ध कराना : प्रत्‍येक नागरिक के लिए उचित स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएँ मुहैया कराना। हर सूबे में ‘एम्‍स’ स्‍थापित करना। आयुर्वेदिक चिकित्‍सा का विकास करना।

12. सांस्‍कृतिक विरासत : बीजेपी राम मंदिर निर्माण और राम सेतु के संरक्षण के साथ गंगा की सफाई, ऐतिहासिक इमारतों व प्राचीन भाषाओं के संरक्षण के लिए भी कार्य करेगी।

13. काला-धन और भ्रष्टाचार : भाजपा की सरकार आने पर भ्रष्टाचार की गुंजाईश न्यूनतम करके ऐसी स्थिति पैदा की जाएगी कि काला-धन पैदा ही न होने पाए। इसमें यह वादा भी किया गया कि आने वाली भाजपा सरकार विदेशी बैंकों और समुद्र पार के खातों में जमा काले-धन का पता लगाने और उसे वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उसने वादा किया कि काले-धन को वापस भारत लाने के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि अब यह जनता को निर्णय लेना है कि उपरोक्त किए गए वादों में से, भारतीय जनता पार्टी कौन कौन से वादे को पूरा कर पाई और क्या वाकई भारतीय जनता पार्टी आने वाले भविष्य के लिए कारगर है या नहीं?

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