कोरिया / नगर पालिका बैकुण्ठपुर अपने शहर व वार्ड वासियों तक मुलभुत सुविधा पहोचाने की लाख दावे करे पर हकीकत में वो दावे सिर्फ कागजी होते है जिसका जीता जागता उदाहरण इस नगर पालिका बैकुण्ठपुर इलाके की तमाम वार्डो में देखने को मिलाता है जहाँ चारो तरफ गंदगी पसरी हुई है जिसके साफ – सफाई के नाम पर नगर पालिका बैकुण्ठपुर लाखों रूपये कागजो में प्रति वर्ष फुक देता है इसके बावजूद समस्या जस से तस बनी हुई दिखाई पड़ती है।
यह मामला कोरिया जिले के जिला मुख्यालय यानी नगर पालिका बैकुण्ठपुर का है जहाँ लगभग निवासरत हजारो वार्ड वासियों को नगर पालिका बैकुण्ठपुर द्वारा काफी समय से छला जा रहा है यु तो नगर पालिका बैकुण्ठपुर मुलभुत सुविधा पहोचाने की लाख दावे करता है पर हकीकत में वो दावे सिर्फ कागजी होते है जिसका जीता जागता उदाहरण इस शहर में देखने को मिलाता है जहाँ चारो तरफ गंदगी पसरी हुई है इन इलाको मे रोजाना उपयोग किए वस्तुओं के रेपर, पन्नी और और सड़े – गले खान-पान की वस्तुए बिखरी पड़ी हुई है।
13 SLRM सेंटर उपयोगहीन – नगर पालिका प्रशासन बैकुण्ठपुर में स्वच्छता अभियान के तहत चलाये जा रहे डोर टू डोर अभियान को मुह चिढ़ाता ये कचरे का ढेर इस अभियान की विफलता को हमेशा की तरह आज भी बयां कर रहा है। बता दे की नगर पालिका का एक भी वार्ड नही है जहाँ घर के सामने या पीछे कचरे का ढेर ना दिखे। कहने को तो पालिका क्षेत्र में ।3 SLRM सेंटर का निर्माण इसी कचरे को रिसाईकल करने के लिए किया गया है पर न जाने यह होगा कब ?
मोदी का सपना चूर – पुरे देश मे प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने का आह्वान किया था, पर नगर पालिका बैकुण्ठपुर को शायद साफ-सफाई पसंद नही, यही कारण है की लाखो रुपये खर्च कर भी नगर पालिका बैकुण्ठपुर इलाके को साफ औऱ स्वच्छ बैकुण्ठपुर नही बना पा रही है।
रातों रात बदल दिया जाता है शहर – शहर की पसरी गंदगी और सड़क बत्ती को लेकर यहां के रहवासियों के शिकायतों के पुलिंदे काफी लंम्बे है वहीं लगातार कई शिकायतों के बावजूद भी संक्रामक बीमारियों का कारण बन रहे कचरे और दुर्घटनाओं का सबब बन रहे अंधियारे रास्ते को लेकर किसी ने कोई पहल समस्याओं के समाधान के लिये नही की। हलांकि जब भी कोई मंत्री संत्री शहर में दौरा करते है तो रातो रात सबकुछ बेहतर दिखाने के चक्कर मे शहर को चकाचक कर दिया जाता है।







