नई दिल्ली / लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आखिरी चरण का मतदान खत्म होते ही अब एग्जिट पोल का सिलसिला शुरू हो गया है। तमाम न्यूज चैनलों और एजेंसियों की ओर से चुनाव नतीजे से पहले के अनुमान दिखाए जा रहे हैं। देश में सात चरणों में 543 में से 542 सीटों पर चुनाव हुआ। 11 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव हुआ तो 19 मई को सातवें और आखिरी चरण का चुनाव। तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर चुनाव रद्द कर दिया गया था। हालांकि, एग्जिट पोल का सिलसिला शुरू हो गया है ये इशारे 23 मई को असल तस्वीर में तब्दील होते हैं या नहीं, इसके लिए चार दिन का इंतजार और करना होगा। 90 करोड़ मतदाताओं वाले देश में चुनाव आयोग ने कुशल योजना के साथ बंगाल को छोड़कर बाकी जगहों पर कमोबेश शांतिपूर्ण चुनाव करवाने में सफलता हासिल की है।
लोकसभा चुनाव 2019 के मतदान पूरे होने के बाद अलग-अलग सर्वे के हिसाब से एक्ज़िट पोल सामने आने शुरू हो गए हैं. इसमें न्यूज़18-IPSOS , इंडिया टुडे-एक्सिस, टाइम्स नाऊ-सीएनएक्स, न्यूज़एक्स-नेता, रिपब्लिक भारत-जन की बात, रिपब्लिक-सी वोटर, एबीपी-सीएसडीएस और टुडेज़ चाणक्य 23 मई को चुनाव नतीजे आने से पहले अपने-अपने आंकड़े सामने रख रहे हैं. टाइम्स नाउ-वीएमआर के एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को 306, यूपीए को 132 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं अन्य को 104 सीटों का मिल सकती हैं. एनडीए को 41.1%, यूपीए को 31.7% और अन्य को 27.2% वोट मिलने का अनुमान है
आजतक-एक्सिस के पोल में…………….
छत्तीसगढ़ की 11 सीटों में से भाजपा 7-8, कांग्रेस 3-4
मध्यप्रदेश में भाजपा 26-28, कांग्रेस 1-3
महाराष्ट्र में एनडीए 38-42, यूपीए 6-10
राजस्थान में भाजपा 23-25, कांग्रेस 0-2
गुजरात में भाजपा 25-26, कांग्रेस 0-1
गोवा में भाजपा 2, अन्य-0
रिपब्लिक-सी वोटर के सर्वे में एनडीए को 305, यूपीए को 124, महागठबंधन को 26 और अन्य को 27 सीट मिल सकती हैं।
एबीपी-नीलसन के पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में महागठबंधन को 80 में से 56 सीटें मिलने जा रही हैं। भाजपा को 22 सीटों पर संतोष करना पड़ेगा।
न्यूज 24 के पोल में हरियाणा के भीतर भाजपा सभी 10 सीटों पर काबिज होने जा रही है। वहीं दिल्ली में भी भाजपा सातों सीटों पर बरकरार रह सकती है।
न्यूज नेशन के सर्वे में एनडीए को 282-290, कांग्रेस को 118-126, अन्य को 130-138 सीटें।
इंडिया टीवी के सर्वे में दिल्ली में भाजपा सभी 7 सीटों पर जीत रही है।
न्यूज 24-चाणक्य के सर्वे में छत्तीसगढ़ में भाजपा को 7, कांग्रेस को 2 सीटें।
एबीपी-नीलसन के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 27 सीटों पर भाजपा गठबंधन 6 पर तो सपा-बसपा गठबंधन 21 सीट पर आगे।
एबीपी-नील्सन एग्जिट पोल ……………
-एग्जिट पोल के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 में से 21 सीटें मिलने का अनुमान। भाजपा को सिर्फ 6 सीटें मिलने का अनुमान।
-अवध में भी भाजपा को भारी नुकसान, सपा-बसपा गठबंधन को 23 में से 14 सीटें मिलने का अनुमान।
-अवध, पश्चिमी यूपी की कुल 50 सीटों पर भाजपा-सहयोगियों को 13, कांग्रेस को दो और गठबंधन को 35 सीटों का अनुमान।
-बुंदेलखंड में गठबंधन को चार में से तीन सीटें, भाजपा को एक सीट।
-पूर्वांचल में भाजपा को 26 में से सिर्फ 8 सीटें मिलने का अनुमान।
-कुल 80 सीटों में से सपा-बसपा गठबंधन को 56 सीटें।
टाइम्स नाउ-वीएमआर के एग्जिट पोल के मुताबिक हरियाणा में बीजेपी को 8, कांग्रेस को 2 सीटें मिलती दिख रही हैं. यहां बीजेपी को 49.51%, कांग्रेस को 27.9% वोट मिलने का अनुमान है.
इंडिया टुडे- एक्सिस के मुताबिक 6 राज्यों में एनडीए को 121 से 130 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं यूपीए सिर्फ 10 सीटों पर सिमटती दिख रही है.
इंडिया टुडे- एक्सिस के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में भाजपा को 25 से 26 सीटें मिलती दिख रही हैं. यहां कांग्रेस के खाते में सिर्फ 1 सीट जाने का अनुमान है.
इंडिया टुडे- एक्सिस के अनुसार गोवा में दोनों सीटें बीजेपी को जाती दिख रही हैं.
एबीपी-सीएसडीएस की मानें तो पश्चिमी यूपी की 27 सीटों में से महागठबंधन को 21 सीटें मिल रही हैं. इसमें बीएसपी को 10 सीटें, एसपी को 9 सीटें, बीजेपी को 6 सीटें, आरएलडी को 2 सीटें मिलती दिख रही हैं.
टाइम्स नाउ-वीएमआर के एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को 306, यूपीए को 132 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं अन्य को 104 सीटों का मिल सकती हैं. एनडीए को 41.1%, यूपीए को 31.7% और अन्य को 27.2% वोट मिलने का अनुमान है
इंडिया टुडे-एक्सिस के मुताबिक छत्तीसगढ़ की 11 सीटों में से भाजपा को 7-8 सीटें, कांग्रेस को 3 से 4 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं बसपा का यहां खाता भी खुलता नहीं दिख रहा है.
रिपब्लिक-जन की बात के मुताबिक एनडीए को 305, यूपीए को 124, महागठबंधन को 26 वहीं अन्य को 87 सीटें मिल रही हैं.
हालांकि ये भी सही है कि Exit Poll की भविष्यवाणियां हमेशा सही साबित नहीं होतीं लेकिन चुनावी विश्लेषकों की राय है कि इससे मोटेतौर पर उभरने वाले राजनीतिक परिदृश्य की संभावना के बारे में एक आइडिया मिलता है. वास्तव में एग्जिट पोल में ये होता है कि इस तरह का सर्वे करने वाली एजेंसियां वोट देने वालों से पूछती हैं कि उन्होंने आखिर किसे वोट दिया? उसी आधार पर वे अपने चुनावी ट्रेंड/ नतीजों की भविष्यवाणी करती हैं.
