रायपुर / नगरीय निकाय चुनाव के सम्बंध में मंत्री शिव डहरिया ने बड़ा ऐलान किया है। मंत्री डहरिया ने उप समिति की बैठक में लिए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में 2019 में आयोजित नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से ही होगा ।
छत्तीसगढ़ में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. महापौर के लिए अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव के मसौदे पर सरकार की मुहर लग गई है. मध्य प्रदेश की ही तरह अब छत्तीसगढ़ में भी पार्षद ही महौपार का चुनाव करेंगे. सरकार के इस फैसले के मुताबिक अब ईवीएम की जगह मतपत्र के जरिए निकाय चुनाव कराया जाएगा. पार्षद ही महापौर का चुनाव करेंगे. वहीं पार्षद से ही अध्यक्ष और महापौर बनाया जाएगा. सरकार के मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में निकाय चुनाव को लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. इस रिपोर्ट को अब कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा. इस फैसले के बाद साल के आखिर में होने वाले निकाय चुनाव में अब बड़ा बदलाव कर दिया गया है. हालांकि, सरकार ने इस ओर पहले से ही इशारा कर दिया था. अब कैबिनेट की मुहर का इंतजार बाकी है.
नगरीय निकाय चुनाव समिति की बैठक खत्म होने के बाद कमेटी में शामिल कैबिनेट मंत्री शिव डहरिया, मोहम्मद अकबर और रविन्द्र चौबे ने मंत्रालय में ब्रीफिंग ली. चर्चा के दौरान मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कहा कि समिति ने निर्णय लिया है कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से ही नगरीय निकायों में चुनाव होंगे. पार्षद से ही महापौर का चुनाव होगा. मतपत्रों से ही होगा नगरीय निकायों का चुनाव होगा. ईवीएम की जगह मतपत्रों से चुनाव कराने में निर्वाचन व्यय में कमी आएगी. उन्होंने कहा कि आरक्षण रोस्टर के आधार पर जो पात्र हैं वही मेयर बन सकता हैं. वहीं, संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव दलगत राजनीतिक से ही होगा.
