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कोरिया जिला पंचायत में भाजपा की रेणुका बनीं अध्यक्ष वेदांति के सर उपाध्यक्ष का ताज, क्रॉस वोटिंग का खेल 2 वोट से अध्यक्ष का चुनाव हारीं राज्यमंत्री की बहन ऊषा

कोरिया बैकुंठपुर / भारी गहमागहमी और आरोप प्रत्यारोप के बीच आज कोरिया जिला पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रेणुका सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुईं तो वहीं उपाध्यक्ष पद पर अप्रत्याशित रूप से निर्दलीय सदस्य का चुनाव लड़े वेदांति तिवारी की जीत हुई।

कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी राज्यमंत्री गुलाब कमरो की बहन ऊषा सिंह को हार का मुंह देखना पड़ा तों वहीं उपाध्यक्ष पद हेतु क्रॉस वोंटिंग के कारण भाजपा खेमे में मायुशी छा गई। चुनाव के दौरान जिला पंचायत परिसर में दोनो ही दल के नेता मौजूद रहे दोनो ही ओर से आरोप प्रत्यारोप का दौर का क्रम भी जारी रहा।

जिला पंचायत के चुनाव हेतु पिछले दिनों सदस्यों के निर्वाचन के बाद से ही तमाम तरह के कयास लगाये जा रहे थे, 10 सदस्यीय कोरिया जिला पंचायत में भाजपा समर्थित 5, कांग्रेस समर्थित 3, गोंगपा 1 व निर्दलीय 1 सदस्य की जीत हुई थी।

सदस्यों के निर्वाचन के बाद प्रमुख दल कांग्रेस व भाजपा के नेता अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद पर कब्जा करने के लिए काफी ऐड़ी चोटी को जोर लगा रहे थे कुछ सदस्यों को चुनाव के बाद से ही अन्यत्र ले जाया गया था। भारतीय जनता पार्टी के 5 सदस्यों के होने के बावजूद भी अंत में कोई खेल न हो जाये इसके लिये सदस्यों को पूरी तरह से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था। ऐन चुनाव के दौरान ही सदस्यों को सीधे जिला पंचायत लाया गया। निर्वाचन के दौरान सदस्यों के जिला पंचायत में प्रवेश को लेकर भी समय निर्धारत किया गया था लेकिन भाजपा समर्थित कुछ सदस्यों के देर से पहुंचने के कारण मुख्य द्वार पर कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झुमा झुटकी भी हुई। जिसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और सदस्यों को अंदर जाने दिया गया।

भाजपा की रेणुका बनीं अध्यक्ष – चुनावी प्रकिया के तहत अध्यक्ष पद हेतु भाजपा की ओर से रेणुका सिंह ने नामांकन दाखिल किया तो वहीं कांग्रेस की ओर से राज्यमंत्री गुलाब कमरो की बहन ऊषा सिंह ने नामांकन दाखिल किया। मतदान पश्चात जारी परिणाम में रेणुका सिंह ने ऊषा सिंह को 2 वोट से पराजित किया। रेणुका सिंह को 6 तों वहीं ऊषा सिंह को 4 वोट प्राप्त हुए। परिणाम की घोषणा होते ही जिला पंचायत परिसर में मौजूद बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी व आतिशबाजी के साथ खुशी का इजहार किया।

निर्दलीय वेदांति तिवारी बनें उपाध्यक्ष – जिला पंचायत सदस्य का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीतने के बाद वेदांति तिवारी ने उपाध्यक्ष पद हेतु नामांकन दाखिल किया । उनके साथ ही भाजपा की ओर से विजय राजवाड़े और रविशंकर ने भी नामांकन दाखिल किया। उपाध्यक्ष पद हेतु 3 सदस्यों के नामांकन के कारण मामला काफी दिलचस्प माना जा रहा था । जिला पंचायत परिसर में मौजूद राजनैतिक दलों के लोग गुणा गणित लगाते नजर आ रहे थे। इसी बीच उपाध्यक्ष पद हेतु मतदान के बाद परिणाम की घोषणा की गई जिसमें वेदांति तिवारी को 5,विजय राजवाड़े को 4 और रविशंकर को 1 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार निर्वाचन अधिकारी ने वेदांति तिवारी को उपाध्यक्ष घोषित किया।

उपाध्यक्ष के परिणाम ने चौकाया, भाजपाई मायुश तो चाहकर भी खुशी नही मना सके कांग्रेसी, बैरंग लौटे – जिला पंचायत के उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचन को लेकर शुरू से ही सभी की निगाह टिकी हुई थी, किसी को यह उम्मीद भी नही था कि तीन सदस्यों द्वारा उपाध्यक्ष पद हेतु नामांकन दाखिल किया जायेगा। लेकिन वेदांति तिवारी,विजय राजवाड़े और रविशंकर द्वारा नामांकन दाखिल किये जाने के बाद मामला त्रिकोणीय हो गया ।

यहां यह उल्लेखनीय है कि कांग्रेस द्वारा रविशंकर को अपना सदस्य माना जा रहा था लेकिन उपाध्यक्ष के नामांकन के दौरान कांग्रेसी सदस्यों ने रविशंकर का साथ न देकर निर्दलीय वेदांति तिवारी का साथ दिया और उनके प्रस्तावक समर्थक बनें। तो वहीं अप्रत्याशित रूप से रविशंकर को प्रस्तावक और समर्थक के रूप में भाजपा सदस्यों का साथ मिला। जिसके बाद परिणाम की ओर सबकी नजर टिकी रही। अंततः वेदांति तिवारी क्रास वोटिंग के सहारे उपाध्यक्ष निर्वाचित हुये। कयास लगाये जा रहे हैं कि भाजपा की एक महिला सदस्य द्वारा उपाध्यक्ष हेतु अपना मत भाजपा प्रत्याशी विजय राजवाड़े को न देकर वेदांति तिवारी को दिया गया। तो वही रविशंकर को 1 मत प्राप्त हुआ उन्हे उनके प्रस्तावक और समर्थको ने भी अपना मत नही दिया। जिसके उनकी काफी किरकिरी हुई। वेदांति तिवारी के उपाध्यक्ष बनने पर यह भी कयास लगाया जा रहा है कि उन्हे कांग्रेस के दो सदस्यों के अलावा एक गोंगपा और एक भाजपा सदस्य के क्रॉस वोटिंग का लाभ मिला। परिणाम की घोषणा होते ही जिला पंचायत परिसर में जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त भाजपा के तमाम बड़े नेताओं के चेहरे पर मायुशी छा गई तो वहीं वेदांति तिवारी की जीत के बाद कांग्रेसी इसे खुद की जीत मानकर नारेबाजी करने लगे इसी बीच वेदांति तिवारी समर्थक ने उनके बीच जाकर यह कह दिया कि वे निर्दलीय हैं और निर्दलीय ही रहेंगे जिसके बाद कांग्रेसी शांत हो गये और उल्टे पांव लौटते बने। यहां यह बताना आवश्यक है कि इस चुनाव में कांग्रेस के कई बड़े नेता वेदांति तिवारी को उपाध्यक्ष बनाने के पक्षधर नही थे लेकिन श्री तिवारी के व्यक्तिगत प्रयास से उन्हे उपाध्यक्ष की कुर्सी मिली।

भाजपा में थी और भाजपा में ही रहूंगी – रेणुका –

कोरिया जिला पंचायत की नवनिर्वाचित अध्यक्ष रेणुका सिंह की जीत के बाद मनेंद्रगढ विधायक विनय जायसवाल ने मीडिया मे बयान दिया कि रेणुका सिंह निर्दलीय हैं जिसके बाद जिला पंचायत कक्ष से बाहर आते ही भाजपाईयो ने उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया । मीडिया के सवाल पर रेणुका सिंह ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा में थीं और भाजपा में ही रहेंगी।

वेदांति ने कांग्रेसियों की उम्मीद पर फेरा पानी – इस चुनाव में अपने व्यक्तिगत प्रयासो से वेदांति तिवारी को उपाध्यक्ष का पद मिल सका। उनकी जीत को खुद का बताने की फिराक में कांग्रेस के कई बड़े नेता साथ में फोटो खिंचाने की तैयारी में थे लेकिन उनकी यह तैयारी धरी की धरी रह गई। जिला पंचायत कक्ष से प्रशन्नचित मुद्रा में बाहर निकले वेदांति तिवारी को उनके खास समर्थकों ने माला पहनाकर जमकर नारेबाजी की और खुशी का इजहार किया। जिसके बाद मीडिया के द्वारा पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए उपाध्यक्ष वेदांति तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल बैलगाड़ी पर सवार हैं और कांग्रेस के बारे में लोगो से राय लेकर ही सोचेंगे। वेदांति तिवारी ने खुद के उपाध्यक्ष बनने में राज्यमंत्री गुलाब कमरो का भी सहयोग बतलाया।

यहां यह उल्लेखनीय है कि वेदांति तिवारी को जिला पंचायत सदस्य के लिए कांग्रेस द्वारा समर्थन न देकर अनिल जायसवाल को समर्थन दिया गया था कई कांग्रेसी नेता श्री तिवारी की राह में रोड़ा बने हुए थे लेकिन जनता के आशिर्वाद से वे सदस्य बने और अंततःउपाध्यक्ष पद पर भी काबिज हुये जिससे उनके समर्थको में खुशी तो कांग्रेस के ही बाकी अन्य नेताओं के चेहरे मे मायुशी देखी गई।

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