कोरिया / चिरमिरी निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा के द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को रजिस्टार जनरल के द्वारा एक पत्र लिखकर मांग किया गया है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कोरोना वायरस के संक्रमण काल में जूम ऐप के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग असुरक्षित होने के कारण इसे बंद कर ईकोर्ट के वीडियो ऐप के माध्यम से सुनवाई किया जाए.
आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने अपने पत्र में लिखा कि इस वक्त कोरोना वायरस के महामारी से देश में विषम परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं. प्रधानमंत्री के आवाहन पर देश में लॉकडाउन लागू किया गया है, जिसके पश्चात लोग अपने-अपने घरों में रह रहे हैं. इस कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रदेश की सभी अदालतें भी बंद है. निकट भविष्य में यदि लॉक डाउन समाप्त किया जाता है तब भी पूर्व की भांति कोर्ट हॉल में उपस्थित होकर प्रकरणों की सुनवाई होना दुष्कर प्रतीत होता है, क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग ना होने या एक दूसरे के संपर्क में आने के कारण फिर से कोरोना वायरस लोगों को संक्रमित कर सकता है, ऐसी स्थिति में मुझे आशंका है कि तत्काल सब कुछ सामान्य होकर पूर्व की भाती न्यायालय में प्रकरणों की सुनवाई नहीं हो सकेगा. इस कारण हमें मोबाइल या कंप्यूटर एप्लीकेशन के माध्यम से दूरी बनाते हुए प्रकरणों की सुनवाई की प्रक्रिया लंबे समय तक जारी रखने की आवश्यकता है.
आरटीआई कार्यकर्ता ने आगे अपने पत्र में लिखा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार जूम ऐप के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर अति महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की जा रही है. इस निर्देश की कंडिका-16 में उल्लेख किया गया है कि इस ऐप के माध्यम से हो रहे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को रिकॉर्ड ना किया जाए.
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देश जारी कर ईकोर्ट प्रक्रिया में एनआईसी का वीडियो ऐप के माध्यम से विभिन्न अदालतों के द्वारा सुनवाई करने की प्रक्रिया में बल दिया गया है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने इस निर्देश में ऐप को डाउनलोड कर उसके माध्यम से सुनवाई करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई है.
भारत सरकार के द्वारा एक एडवाइजरी जारी कर जूम ऐप को असुरक्षित माना गया है. मेरी जानकारी के अनुसार जूम ऐप अमेरिकन कंपनी का एप्लीकेशन है और इसका सर्वर चीन में है. यदि चीन में इस तरह से होने वाले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को रिकॉर्ड कर या इस डाटा को अन्य कार्य के लिए उपयोग किया जाता है तो हमारे देश के लिए यह बेहद हानिकारक होगा तथा हमारा डाटा का किसी अन्य तरह से दुरुपयोग किया जा सकता है, जिसकी प्रतिपूर्ति किसी भी रूप में नहीं की जा सकती.
हमारे देश में ईकोर्ट प्रक्रिया में उपयोग होने वाले मोबाइल कंप्यूटर आदि एप्लीकेशन सुरक्षित हैं. इनके दुरुपयोग की संभावना नगण्य है. इस कारण इसका उपयोग करते हुए तत्काल जूम ऐप के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बंद किया जाना आवश्यक है.
राजकुमार मिश्रा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि मोबाइल कंप्यूटर जूम ऐप के असुरक्षित होने के कारण इस ऐप के माध्यम से सुनवाई बंद कर ईकोर्ट के मोबाइल कंप्यूटर एप्लीकेशन के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते हुए प्रकरण की सुनाई किया जाए.
राजकुमार मिश्रा ने आशा जताया है कि उनके इस आवेदन के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा जूम ऐप के माध्यम से हो रहे सुनवाई को रोककर भारतीय पद्धति को अपनाया जाएगा.
