कोरिया / धनेश्वरी राजवाड़े ने खाद्य निरीक्षक चम्पाकली दिवाकर द्वारा 20 हजार रूपये की मॉग करने सहित स्थानीय पुलिस पर भी बड़ा आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को पत्र लिख कार्यवाही की मांग की है।
धनेश्वरी राजवाड़े के पत्र के अनुसार उनके खिलाफ षड्यंत्र कर जेल भेजने और सोसाईटी निरस्त कराने की साजिश की गई है।
धनेश्वरी राजवाड़े ने पत्र में लिखा है कि वो केनापारा उचित मूल्य की दुकान चलाती थी। दिनांक 25/02/2020 को शाम 5 बजे चम्पाकली खाद्य निरीक्षक 20 हजार रूपये की मांग की और कहने लगी की पैसा दोगी तभी सोसाईटी चला पाओगी सभी सोसायटी वाले देते है, तुम ही नही देती हो। दुसरी पार्टी तुम्हारी सोसाईटी लेने के लिए मेरे पास आ रहे है। यह कहकर मेडम जाने लगी जाते-जाते कहने लगी तुम को मै दो दिन का समय दे रही हु।
29/02/2020 को लगभग 6:00 बजे सुधीर गुप्ता पिता ललन गुप्ता उर्फ चुन्नु गुप्ता कहीं से मिट्टी का तेल ओमनी में ला रहा था। उसको पुलिस वाले थाने के पास पकड़े, पकड़ कर उसको थाना ले गए थाने में चुन्नु गुप्ता के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई तीन लेबर थे उनके उपर कार्यवाही कर दिया गया। लेबर का नाम निर्मल खान, सुन्दर मिंज, राजू दरगाह है। लेबरों को डरा धमकाकर कोतवाली पुलिस ने बोलवाया की धनेश्वरी राजवाड़े के सोसाईटी से मिट्टी का तेल लेकर आ रहे है।
जब मै थाने पहुंची तो देखी खाद् निरिक्षक चम्पाकली थाने में पहले से मौजूद थी मुझको देखकर कहने लगी धनेश्वरी तुम यहाँ कैसे उसके बाद पुलिस वाले मुझकों केनापार सोसाईटी ले कर गए। साथ में खाद्य निरिक्षक चम्पाकली दिवाकर (बैकुंठपुर पदस्थ) भी साथ में गई। मिट्टी तेल को पुलिस वाले डन्डे से नापे, नापने पर 534 लीटर मिट्टी तेल सोसाइटी के टिकट मिला मैडम पूछी कि कितना मिट्टी तेल बांटी हो धनेश्वरी मैने कहा मैडम 196 लीटर बांटी हूँ, 700 लीटर मिट्टी तेल मुझे मिला था बाकी तेल टैंक में है। यह सब पुछकर वापस थाने ले आए जांच में वहाँ पर मुझे सही पाया गया।
थाने आकर पुलिस वाले चाल चलने लगे चम्पाकली खाद्य निरिक्षक बैंकुन्ठपुर सजल जायसवाल का भाई मोनू जायसवाल, सुधीर गुप्ता उर्फ चुन्नु गुप्ता ये सब मिलकर मेरे खिलाफ षड्यन्त्र रचने लगे। सजल जायसवाल फिर धनेश्वरी राजवाड़े बोली कि हमारे यहाँ का कोई मिट्टी तेल नही था। हमकों इसकी कोई जानकारी नहीं है।
मुझसे 70 हजार रूपये की मांग करने लगे और कहने लगा कि विमलेश दुबे टी.आई. अमर जायसवाल एस.आई. रामायण जायसवाल, विमल जायसवाल, सुनीता पैकरा इत्यादि लोगों को पैसा बाटना पड़ेगा। फिर सजल जायसवाल बोला कि पैसा दे दो। इसके बाद 20 हजार खाद्य निरिक्षक चम्पाकली अलग से मांग रही है।
पैसा देने के लिए मैं इन्कार कर रही थी जब कुछ की ही नहीं तो मेरा मिट्टी तेल नहीं है मुझको जबरन का फसा रहे हो, पैसा किस बात का दूंगी मेरे काफी बहस करने पर पुलिस टी.आई. एस.आई सब नाराज हो गए और लेबरों को मारपीट कर लेबरों से झुठा बयान लेकर मुझे अम्बिकापुर जेल भेज दिया गया।
सजल जायसवाल कहने लगा पैसा दे दोगे तो छोड़ देंगे, सुनिता पैकरा कह रही थी अगर थानों में ही पैसा दे दिये होते तो यहाँ तक तुमको नहीं आना पड़ता।
ये सभी षड्यन्त्र सजल जायसवाल का भाई मोनू जायसवाल, बृजवासी तिवारी का पुत्र मोन्टी तिवारी जूनापारा, राजेश राजवाड़े जूनापारा, राजेन्द्र बरगाह जूनापारा, शैलेष दुवे मंडल पारा बैकुन्ठपुर यह 4,5 सोसाईटी चलाता है। सहकारी विपणन संस्था बैकुंठपुर में हर सोसाईटी को अटैच करवाता है और सोसाईटी भी चलाता है, और खाद्य निरीक्षक से सेटिंग बनाकर पैसा खिलाकर कई सोसाईटी को अपने कब्जे में रखता है कई विधवा और ग्रहणी महिला जो गरीब तरह की है। उनकी सोसाईटी में कोई बिलेम लगा कर सोसाईटी छीन लेता है। इसका साथ पुलिस, खाद्य निरीक्षक कुछ बबलू पांडे, दिनेश दुबे जैसे पत्रकार ये सब मिलकर षड्यन्त्र रचते है।
बिना सूचना दिये केनापारा उचित मूल्य की दुकान का ताला तोड़ दिये ताला तोडकर मनमुताबिक का लिखा पढ़ी किए। मेरे जैसे गरीब विधवा असहाय को जेल भेजवाते है और पैसे के लिए परेशान करवाते है। ये सब लिखने के बाद मेरी ये हत्या भी करवा सकते है या एक्सीडेंट करवा सकते है इसलिए मुझे इन लोगों से डर भी है और श्रीमान जी से दिवेदन है कि सही जांच कर मुझे पुनः सोसाईटी देने की कृपा करें। मेरी रोजी रोटी सोसाईटी से चलता है मुझको झूठा फसाया गया।
